बिहार के जमुई जिले में गिद्धौर थाना के ठीक सामने रिटायर्ड सिविल सर्जन डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी के घर हुई लूटकांड की घटना में पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। अपराध नियंत्रण में लापरवाही बरतने के आरोप में गिद्धौर थानाध्यक्ष दीनानाथ सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक, जमुई के निर्देश पर की गई है।
थानाध्यक्ष की भूमिका निष्क्रिय पाई गई
जारी आदेश के अनुसार, 26 जनवरी 2026 की सुबह 5 से 6 बजे के बीच गिद्धौर थाना गेट के ठीक सामने स्थित डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी के आवास में पांच हथियारबंद अपराधियों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। इस गंभीर वारदात के बावजूद थानाध्यक्ष की भूमिका अपराध नियंत्रण में निष्क्रिय पाई गई, जिसके बाद उनके निलंबन की अनुशंसा की गई।

निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन-यापन भत्ता
पुलिस उप-महानिरीक्षक, मुंगेर क्षेत्र के आदेश पर दीनानाथ सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, जमुई निर्धारित किया गया है और उन्हें सामान्य जीवन-यापन भत्ता देय होगा।
जयप्रकाश कुमार सिंह को मिला प्रभार
नए थानाध्यक्ष की पदस्थापना तक अपर थानाध्यक्ष, पुलिस अवर निरीक्षक जयप्रकाश कुमार सिंह गिद्धौर थाना की विधि-व्यवस्था और दैनिक कार्यों का प्रभार संभालेंगे। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
लूट की यह घटना 26 जनवरी की सुबह की है। करीब पांच की संख्या में हथियारबंद अपराधी ताला तोड़कर घर में घुसे और पिस्टल के बल पर पूरे परिवार को काबू में कर लिया। पीड़ित परिवार के अनुसार, अपराधियों ने
- डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी और उनकी पत्नी पुष्पम कुमारी को
- फिर बाथरूम से बाहर आए बेटे विक्रम सत्यार्थी को
बेहोशी का इंजेक्शन देकर अचेत कर दिया।
घटना की जानकारी सुबह करीब 8:30 बजे तब हुई, जब पड़ोसी घर पहुंचे और तीनों को बेहोशी की हालत में पाया। सूचना पर झाझा विधायक दामोदर रावत समेत कई लोग मौके पर पहुंचे और सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वारदात ने खड़े किए गंभीर सवाल
गिद्धौर थाना के मुख्य गेट के ठीक सामने हुई इस वारदात ने पुलिस की गश्ती व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपराधियों का बेखौफ होकर लूटपाट करना और फिर बिना रोक-टोक फरार हो जाना, पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सीधा सवाल है।
हालांकि, थानाध्यक्ष के निलंबन के बाद आम लोगों में यह संदेश गया है कि लापरवाही और अपराध पर अब पुलिस प्रशासन सख्त रुख अपनाने के मूड में है।


