
विश्व योग दिवस के अवसर पर भागलपुर में स्वास्थ्य, जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के सैंडिस कंपाउंड स्थित जयप्रकाश उद्यान मैदान में मां आनंदी संस्थान की ओर से एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, अनुशासन और ऊर्जा का विशेष माहौल देखने को मिला।
स्थित जयप्रकाश उद्यान मैदान में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ जुटने लगी थी। अलग-अलग आयु वर्ग की महिलाएं योग शिविर में शामिल होने पहुंचीं। आयोजकों ने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए विशेष तैयारी की थी। खुले वातावरण और हरियाली के बीच आयोजित यह योग शिविर प्रतिभागियों के लिए एक सुखद अनुभव साबित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई। प्रशिक्षकों के निर्देशन में उपस्थित महिलाओं को विभिन्न योगासन कराए गए। इसमें शरीर को लचीला और मजबूत बनाने वाले आसनों के साथ-साथ श्वसन प्रणाली को बेहतर करने वाले प्राणायाम अभ्यास भी शामिल थे। प्रतिभागियों को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी और ध्यान जैसी प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षकों ने हर अभ्यास के पीछे छिपे स्वास्थ्य लाभों की भी विस्तार से जानकारी दी।
शिविर में शामिल महिलाओं ने योग के प्रति गहरी रुचि दिखाई। कई प्रतिभागियों ने बताया कि वे पहले भी योग करती रही हैं, लेकिन सामूहिक रूप से योगाभ्यास करने का अनुभव अलग और अधिक प्रेरणादायक रहा। वहीं कई महिलाएं ऐसी भी थीं जिन्होंने पहली बार किसी बड़े योग शिविर में भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने उन्हें नियमित रूप से योग अपनाने की प्रेरणा दी है।
कार्यक्रम के दौरान मां आनंदी संस्थान की संस्थापिका ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की आत्मा, मन और विचारों को संतुलित करने वाली एक शक्तिशाली साधना भी है। उनके अनुसार योग व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है और भीतर की शांति को जागृत करता है।
प्रिया सोनी ने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक दबाव तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में योग मानसिक शांति पाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति के भीतर सकारात्मक सोच विकसित करता है और जीवन के प्रति बेहतर दृष्टिकोण प्रदान करता है। योग के जरिए व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से फिट रहता है बल्कि भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनता है।
उन्होंने महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि परिवार और समाज की नींव महिलाएं ही मजबूत करती हैं। यदि महिलाएं स्वस्थ रहेंगी तो परिवार और समाज दोनों स्वस्थ रहेंगे। इसलिए महिलाओं का योग से जुड़ना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को अपने दिनचर्या में कुछ समय स्वयं के स्वास्थ्य के लिए जरूर निकालना चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि यदि देश को विकसित और प्रगतिशील बनाना है, तो सबसे पहले समाज को स्वस्थ बनाना होगा। एक स्वस्थ नागरिक ही राष्ट्र निर्माण में सक्रिय और सकारात्मक योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि मजबूत राष्ट्र का निर्माण स्वस्थ शरीर और संतुलित मन वाले नागरिकों से ही संभव है। इस दिशा में योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार नियमित योगाभ्यास से शरीर की लचीलापन बढ़ती है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचार बेहतर होता है। इसके साथ ही योग तनाव, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप और मोटापे जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में भी सहायक माना जाता है। प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा सुधारने में मदद करता है। यही कारण है कि आज पूरी दुनिया योग को अपनाने लगी है।
विश्व योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस शिविर में महिलाओं का उत्साह विशेष रूप से देखने लायक था। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता केवल व्यक्तिगत जरूरत नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नियमित योग करेंगी और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने एकजुट होकर योग को जीवन का हिस्सा बनाने का प्रण लिया। आयोजकों ने कहा कि आने वाले समय में भी इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग योग के लाभों से जुड़ सकें। प्रतिभागियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी हैं।
भागलपुर में आयोजित यह योग शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह स्वस्थ समाज की दिशा में एक सकारात्मक पहल बनकर सामने आया। विश्व योग दिवस पर मां आनंदी संस्थान का यह आयोजन इस बात का प्रमाण रहा कि योग अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन की आवश्यकता बन चुका है।
आज जब लोग व्यस्त दिनचर्या और डिजिटल जीवनशैली के कारण शारीरिक गतिविधियों से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजनों का महत्व और बढ़ जाता है। योग न केवल शरीर को सक्रिय बनाता है, बल्कि मन को भी शांत रखता है। भागलपुर में महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज में योग के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और लोग इसे स्वस्थ जीवन का आधार मानने लगे हैं।


