री-NEET धांधली की जांच SKMCH तक पहुंची: EOU ने दो मेडिकल छात्रों को भेजा नोटिस, सॉल्वर गैंग से कनेक्शन की जांच तेज

मुजफ्फरपुर: री-NEET परीक्षा में कथित धांधली और सॉल्वर गैंग से जुड़े नेटवर्क की जांच अब मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) तक पहुंच गई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शनिवार को SKMCH के दो छात्रों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। जांच एजेंसी को आशंका है कि दोनों छात्रों के तार री-NEET फर्जीवाड़े में सक्रिय सॉल्वर गैंग से जुड़े हो सकते हैं।

SKMCH पहुंची EOU की टीम, छात्र नहीं मिले

सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर EOU की टीम SKMCH पहुंची और दोनों छात्रों के संबंध में जानकारी जुटाई। हालांकि, दोनों छात्र मौके पर नहीं मिले, जिसके बाद टीम वापस लौट गई। अब उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन खंगाल रही एजेंसी

जांच एजेंसी दोनों छात्रों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सकता है।

क्या है पूरा मामला?

2 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून 2026 को री-NEET परीक्षा आयोजित हुई। इसी परीक्षा के दौरान लखीसराय में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जहां दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे नौ फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया था।

अब तक 30 गिरफ्तार, जांच EOU के हाथों में

इस मामले में अब तक 30 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में नौ फर्जी परीक्षार्थी, एक मूल अभ्यर्थी, दो सहयोगी और 18 बायोमेट्रिक कर्मी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंप दी गई है।

देश के कई मेडिकल कॉलेजों तक फैला नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि री-NEET फर्जीवाड़े में देश के कई मेडिकल कॉलेजों के छात्र कथित तौर पर सॉल्वर बनकर शामिल थे। जांच के दायरे में बिहार सहित अन्य राज्यों के मेडिकल संस्थानों के छात्र भी हैं। EOU विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की भूमिका की जांच कर रही है और संदिग्धों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है।

मास्टरमाइंड की तलाश जारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड रविशंकर उर्फ सम्राट सिंह, जो पावापुरी बीएमआईएमएस के एमबीबीएस 2022 बैच का छात्र बताया जा रहा है, अभी भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

11 आरोपियों ने दाखिल की जमानत याचिका

री-NEET फर्जीवाड़े मामले में फरार रविशंकर उर्फ सम्राट सिंह समेत तीन आरोपियों ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। वहीं, गिरफ्तार विवेक कुमार, अर्पित कुमार सहित 11 आरोपियों ने नियमित जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इन याचिकाओं पर 27 और 29 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है।

जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा

EOU का कहना है कि जांच अभी जारी है और डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन तथा अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। यदि जांच में नए नाम सामने आते हैं तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • ये भी पढ़े..

    9 साल बाद इंसाफ: प्रेमी के लिए दो मासूम बच्चों को जिंदा जलाने वाली मां को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा

    Share Add as a preferred…

    बांकीपुर उपचुनाव 2026: आज शाम थमेगा चुनाव प्रचार, 30 जुलाई को वोटिंग; BJP-RJD-जन सुराज के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबला

    Share Add as a preferred…