बांकीपुर उपचुनाव 2026: आज शाम थमेगा चुनाव प्रचार, 30 जुलाई को वोटिंग; BJP-RJD-जन सुराज के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबला

पटना: बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए पिछले एक महीने से चल रहा चुनाव प्रचार आज (28 जुलाई) शाम 5 बजे थम जाएगा। इसके बाद निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत किसी भी प्रकार का सार्वजनिक प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकेगा। 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे।

इस बार बांकीपुर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जन सुराज के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा और राजद ने रोड शो के जरिए पूरी ताकत झोंक दी, वहीं जन सुराज ने भी डोर-टू-डोर अभियान चलाकर मतदाताओं से समर्थन मांगा।

30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को आएगा फैसला

निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान 30 जुलाई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। प्रशासन ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। मतगणना 3 अगस्त को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।

मुख्य मुकाबले में ये उम्मीदवार

इस उपचुनाव में मुख्य रूप से तीन बड़े चेहरे चुनावी मैदान में हैं—

  • नीरज कुमार सिन्हा (BJP)
  • प्रशांत किशोर (जन सुराज)
  • रेखा गुप्ता (RJD)
  • तनवीर आलम (RLJP)

इसके अलावा कई छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमाई है। इस चुनाव की एक खास बात यह भी है कि ‘नीतीश कुमार’ और ‘लालू प्रसाद यादव’ नाम वाले निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं, जिससे मतदाताओं के बीच भ्रम की चर्चा भी हो रही है।

छोटे दल क्यों दिख रहे कमजोर?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनाव में आमतौर पर मुकाबला बड़े दलों के बीच सिमट जाता है। वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक कौशलेंद्र प्रियदर्शी के अनुसार, छोटे दल अपने संसाधन आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बचाकर रखना चाहते हैं।

वहीं राजनीतिक विश्लेषक डॉ. संजय कुमार का कहना है कि भाजपा, राजद और प्रशांत किशोर जैसे बड़े चेहरों की मौजूदगी में छोटे दलों को राजनीतिक लाभ की संभावना कम दिख रही है। हालांकि निर्दलीय और हमनाम उम्मीदवार कुछ वोटों का समीकरण जरूर प्रभावित कर सकते हैं।

कई उम्मीदवारों के नामांकन हुए रद्द

निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कई राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द कर दिए गए। इसके बाद चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा, राजद और जन सुराज के बीच सिमटता नजर आ रहा है।

अब सभी की नजर 30 जुलाई के मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों पर है, जो तय करेंगे कि बांकीपुर की जनता किसके पक्ष में अपना जनादेश देती है।

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