
गया: बिहार के गया जिले के बहुचर्चित दोहरे बाल हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रेम प्रसंग के चलते अपने ही दो मासूम बच्चों को जिंदा जलाकर मार डालने की दोषी मां ब्यूटी देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। गया के एडीजे-1 शशिकांत ओझा की अदालत ने हत्या के अपराध में दोषी ठहराते हुए ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया है।
2017 में हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात
यह घटना 7 फरवरी 2017 की रात गुरारू थाना क्षेत्र के तिलोरी गांव में हुई थी। आरोप है कि ब्यूटी देवी ने अपने 2 वर्षीय बेटे भोलू कुमार और 4 वर्षीय बेटी गुड़िया कुमारी को सोते समय खाट पर आग लगाकर जिंदा जला दिया। उस समय परिवार के अन्य सदस्य शादी समारोह में गए हुए थे। लौटने पर दोनों बच्चों के शव जली हुई अवस्था में मिले थे।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
मृत बच्चों के दादा उदय शंकर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि ब्यूटी देवी का किसी अन्य युवक से प्रेम संबंध था और वह उससे शादी करना चाहती थी। उसके रास्ते में दोनों बच्चे बाधा बन रहे थे। इसी वजह से उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
8 गवाहों और पुख्ता सबूतों के आधार पर दोषी करार
घटना के तीन दिन बाद 10 फरवरी 2017 को ब्यूटी देवी को गिरफ्तार कर लिया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में जेल में थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक कमलेश कुमार सिन्हा ने 8 गवाहों के बयान और पुलिस की चार्जशीट अदालत के समक्ष पेश की। अदालत ने साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।
एसएसपी बोले— साक्ष्यों के आधार पर मिली सजा
गया के एसएसपी सुशील कुमार ने कहा कि पुलिस की जांच और अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई है।
करीब 9 वर्ष तक चली सुनवाई के बाद आए इस फैसले को मासूम बच्चों की हत्या के मामले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।


