भारत–नेपाल सीमा पर रक्सौल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक करोड़ की चरस के साथ तीन अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरफ्तार

मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): भारत–नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे रक्सौल क्षेत्र में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। हरैया थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की चरस के साथ तीन अंतरराष्ट्रीय चरस तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाके में सक्रिय तस्कर गिरोहों में हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस को विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल से चरस की एक बड़ी खेप भारत लाई जा रही है, जिसे मोतिहारी होते हुए उत्तर प्रदेश तक पहुंचाया जाना था। सूचना की पुष्टि के बाद हरैया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया और सीमा क्षेत्र में सघन वाहन जांच एवं निगरानी अभियान शुरू किया।

इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस टीम ने तीन लोगों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में चरस बरामद की गई।

अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के मिले संकेत

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से नेपाल से चरस की खेप भारत लाकर मोतिहारी और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में सप्लाई कर रहे थे। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।

प्रारंभिक पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

डीएसपी ने दी जानकारी

इस संबंध में रक्सौल डीएसपी मनीष आनंद ने बताया कि नेपाल से चरस की एक बड़ी खेप भारत में खपाने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता और समय रहते की गई कार्रवाई से तस्करों की योजना विफल हो गई। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

सप्लाई रूट और स्रोत की होगी गहन जांच

डीएसपी ने बताया कि बरामद चरस के स्रोत, सप्लाई रूट और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच की जा रही है। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता

पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और सख्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

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