भागलपुर।भागलपुर जिले के पीरपैंती में प्रस्तावित के विद्युत ताप गृह (पावर प्लांट) के निर्माण को लेकर बिहार सरकार द्वारा अधिग्रहित भूमि पर पेड़ कटाई का कार्य तेजी से जारी है। पेड़ों की कटाई शुरू होते ही पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों में इसके पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर चिंता देखी जा रही है।
इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए भागलपुर के जिलाधिकारी ने कहा कि विकास योजनाओं के तहत यदि पेड़ों की कटाई अनिवार्य होती है, तो उसके बदले तीन गुना अधिक पेड़ लगाए जाने का स्पष्ट प्रावधान है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीरपैंती परियोजना में भी जितने पेड़ काटे जाएंगे, उससे तीन गुना अधिक पौधारोपण किया जाएगा।
पेड़ों की देखरेख की भी होगी व्यवस्था
डीएम ने कहा कि सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और रख-रखाव की भी पूरी व्यवस्था की जाएगी, ताकि लगाए गए पेड़ भविष्य में पर्यावरण संरक्षण में प्रभावी भूमिका निभा सकें। जिला प्रशासन इस बात को सुनिश्चित करेगा कि पौधारोपण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि वह धरातल पर दिखाई दे।
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास पर जोर
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विकास और पर्यावरण संरक्षण—दोनों के बीच संतुलन बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
पीरपैंती में प्रस्तावित पावर प्लांट को क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं प्रशासन का कहना है कि परियोजना के दौरान पर्यावरणीय नियमों और शर्तों का पूरी सख्ती से पालन किया जाएगा।
इस बयान के बाद प्रशासन ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया है कि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


