
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, प्रशासनिक और विकासात्मक मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीमावर्ती सात जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी। किशनगंज, मधुबनी और पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों ने अब तक की गई कार्रवाई और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की। वहीं एसएसबी, आईबी, ईडी, एनसीबी, कस्टम्स और आयकर विभाग के अधिकारियों ने भी अपने-अपने सुझाव और कार्रवाई से अवगत कराया।
15 किलोमीटर तक होगी कड़ी निगरानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की 735 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा राज्य के सात जिलों, 70 थाना क्षेत्रों और एसएसबी के 194 बीओपी से होकर गुजरती है। उन्होंने निर्देश दिया कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी या संदिग्ध गतिविधि को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहते हुए सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर की परिधि तक विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा आर्थिक अपराधों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए।
तस्करी रोकने के लिए संयुक्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने उर्वरक और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल ही अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण का आधार बनेगा।
अचानक अमीर बनने वालों की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित करने का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जाए जिनकी आय में अचानक असामान्य वृद्धि हुई है। ऐसे मामलों की विस्तृत जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
किशनगंज में 100 नए उर्दू विद्यालयों की तैयारी
बैठक में मुख्यमंत्री ने किशनगंज जिले में 100 उपयुक्त स्थानों की पहचान कर उर्दू विद्यालय स्थापित करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और विकास के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक उपस्थिति भी मजबूत की जाएगी।
समन्वय के साथ तेजी से पूरे हों लंबित कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विषयों पर केंद्र सरकार, राज्य सरकार, मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकें होती रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले लिए गए निर्णयों के तहत शेष कार्यों को समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि सीमा क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।


