
भागलपुर जिले के लोदीपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार का दिन दो परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द छोड़ गया। बाइपास मुख्य सड़क पर कुछ ही घंटों के अंतराल में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसके चलते कुछ समय के लिए बाइपास सड़क पर आवागमन भी बाधित हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार पहला हादसा सुबह उस समय हुआ जब एक टोटो चालक बच्चों को छोड़ने के लिए बिरला स्कूल की ओर जा रहा था। रोज की तरह वह बाइपास मुख्य सड़क से होकर स्कूल की तरफ बढ़ रहा था। इसी दौरान अचानक एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टोटो चालक सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। लोगों ने घायल व्यक्ति को संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्थानीय लोगों के अनुसार घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
मृतक की पहचान विशनपुर जिछो निवासी शालिग्राम यादव के पुत्र अरविंद यादव के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि अरविंद परिवार का महत्वपूर्ण सहारा थे और टोटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
पहले हादसे की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि दोपहर करीब एक बजे उसी बाइपास क्षेत्र से एक और दर्दनाक घटना सामने आ गई। इस बार एक तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाइवा तेज गति से गुजर रहा था और अचानक उसने सड़क किनारे मौजूद व्यक्ति को जोरदार धक्का मार दिया।
टक्कर लगते ही व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई। घटना के तुरंत बाद हाइवा चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। चालक के फरार होने से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
दूसरे मृतक की पहचान जिछो निवासी स्वर्गीय लब्बु मंडल के 65 वर्षीय पुत्र उपेंद्र मंडल के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि उपेंद्र मंडल स्थानीय स्तर पर काफी परिचित थे और शांत स्वभाव के व्यक्ति माने जाते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार के साथ-साथ गांव के लोगों को भी गहरा सदमा पहुंचा है।
लगातार दो हादसों में दो लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। मृतकों के परिजन और स्थानीय लोगों ने बाइपास मुख्य सड़क को जाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के ठोस इंतजाम की मांग की। लोगों का कहना था कि इस सड़क पर लगातार तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं, लेकिन उनकी गति नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाइपास सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। कई बार स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका। लोगों ने मांग की कि सड़क पर स्पीड कंट्रोल के लिए स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और नियमित पुलिस निगरानी की व्यवस्था की जाए।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही लोदीपुर प्रभारी थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी प्रेरणा सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू की। शुरुआत में ग्रामीण काफी आक्रोशित थे और तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
प्रेरणा सिंह ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। घंटों की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद लोगों ने सड़क जाम हटाया, जिसके बाद बाइपास पर आवागमन सामान्य हो सका। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है। पहले हादसे में अज्ञात वाहन की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जाएगी। वहीं दूसरे हादसे में फरार हाइवा चालक की तलाश तेज कर दी गई है।
सड़क दुर्घटनाओं को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार और लापरवाही आज सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है। खासकर बाइपास और हाईवे जैसे मार्गों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति छोटे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ सकती हैं।
फिलहाल लोदीपुर बाइपास पर हुए इन दो दर्दनाक हादसों ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। दो परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, जबकि स्थानीय लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।


