गोरखपुर-पनियाहवा रेलखंड पर बड़े तकनीकी कार्य का असर, भागलपुर-कोलकाता रूट की कई ट्रेनें रद्द, कई का बदला मार्ग

भागलपुर/कोलकाता, 20 मई 2026: रेलवे यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में सफर थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल अंतर्गत गोरखपुर कैंट और पनियाहवा रेलखंड पर बड़े स्तर पर नॉन-इंटरलॉकिंग और दोहरीकरण कार्य शुरू होने जा रहा है। इस तकनीकी कार्य के कारण बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कई एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच जरूर कर लें, क्योंकि अगले कुछ दिनों तक कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव लागू रहेगा। इस परियोजना का उद्देश्य रेलवे नेटवर्क को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाना है ताकि भविष्य में ट्रेनों का संचालन अधिक तेज और सुगम तरीके से किया जा सके।

गोरखपुर कैंट-पनियाहवा रेलखंड पर होगा बड़ा तकनीकी कार्य

रेलवे अधिकारियों के अनुसार उनौला और पिपराइच स्टेशनों के बीच नए दोहरीकरण ट्रैक को मुख्य लाइन से जोड़ने के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इस दौरान रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक कनेक्शन और परिचालन तंत्र को अपग्रेड किया जाएगा।

रेलवे इंजीनियरों का कहना है कि इस तरह का कार्य अत्यंत संवेदनशील होता है और इसे सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए ट्रैफिक ब्लॉक लेना जरूरी होता है। यही वजह है कि कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द या डायवर्ट किया गया है।

28 मई से 7 जून तक चलेगा ब्लॉक

रेलवे द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार पूरा तकनीकी कार्य कई चरणों में किया जाएगा। उनौला स्टेशन पर 28 मई से 30 मई तक बिफोर प्री-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य होगा। इसके बाद 31 मई से 6 जून तक प्री-नॉन इंटरलॉकिंग प्रक्रिया चलेगी। अंतिम नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य 7 जून को पूरा किया जाएगा।

वहीं पिपराइच स्टेशन पर 10 मई से प्रारंभ हुआ कार्य 30 मई तक जारी रहेगा। इसके बाद 31 मई से 5 जून तक प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और 6 से 7 जून तक अंतिम नॉन-इंटरलॉकिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

रेलवे के अनुसार इस दौरान ट्रैक कनेक्शन, सिग्नल टेस्टिंग और सुरक्षा जांच की जाएगी। इसके लिए विशेष ब्लॉक भी लिया जाएगा।

दो चरणों में होगा CRS निरीक्षण

रेलवे सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए रेल संरक्षा आयुक्त यानी CRS द्वारा दो चरणों में निरीक्षण किया जाएगा। पहला निरीक्षण 21 मई को और दूसरा निरीक्षण 8 जून को प्रस्तावित है।

इसके अलावा 21 मई को सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ट्रैक कट और कनेक्शन ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान रेल संचालन आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार CRS की मंजूरी मिलने के बाद ही नए ट्रैक पर नियमित परिचालन शुरू किया जाएगा। इससे भविष्य में ट्रेनों की गति और संचालन क्षमता में सुधार होगा।

ये ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद्द

तकनीकी कार्य के कारण कई महत्वपूर्ण स्पेशल ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। रेलवे ने यात्रियों से इन तारीखों को विशेष रूप से नोट करने की अपील की है।

05060 लालकुआं-कोलकाता स्पेशल

यह ट्रेन 21 मई, 28 मई और 4 जून 2026 को नहीं चलेगी।

05059 कोलकाता-लालकुआं स्पेशल

यह ट्रेन 23 मई, 30 मई और 6 जून 2026 को रद्द रहेगी।

09451 गांधीधाम-भागलपुर स्पेशल

यह ट्रेन 29 मई और 5 जून 2026 को रद्द कर दी गई है।

09452 भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल

भागलपुर से चलने वाली यह ट्रेन 1 जून और 8 जून 2026 को नहीं चलेगी।

रेलवे ने कहा है कि जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कराया है, उन्हें नियमों के अनुसार रिफंड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

कई एक्सप्रेस ट्रेनों का बदला गया मार्ग

सिर्फ ट्रेनें रद्द ही नहीं की गई हैं, बल्कि कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का मार्ग भी बदला गया है। रेलवे ने बताया कि गोरखपुर कैंट-पनियाहवा सेक्शन पर ब्लॉक रहने के कारण ट्रेनों को वैकल्पिक रूट से चलाया जाएगा।

15052 गोरखपुर-कोलकाता पूर्वांचल एक्सप्रेस

यह ट्रेन 21 मई और 28 मई को परिवर्तित मार्ग से चलेगी। ट्रेन अब गोरखपुर कैंट से छपरा ग्रामीण होते हुए मुजफ्फरपुर पहुंचेगी।

इस दौरान ट्रेन पिपराइच, कप्तानगंज, सिसवा बाजार, बगहा, नरकटियागंज, बेतिया, सगौली, बापूधाम मोतिहारी, चकिया और मेहसी स्टेशन पर नहीं रुकेगी।

04623 कोलकाता-अमृतसर स्पेशल

यह ट्रेन 28 मई और 4 जून को डायवर्ट रूट से चलाई जाएगी। ट्रेन मुजफ्फरपुर से छपरा ग्रामीण होते हुए गोरखपुर कैंट पहुंचेगी।

इस दौरान यह ट्रेन बापूधाम मोतिहारी, सगौली, बेतिया, नरकटियागंज और कप्तानगंज स्टेशन पर नहीं रुकेगी।

यात्रियों को हो सकती है परेशानी

रेलवे के इस बड़े तकनीकी कार्य का असर हजारों यात्रियों पर पड़ने वाला है। खासकर भागलपुर, कोलकाता, मुजफ्फरपुर, गोरखपुर और सीमांचल क्षेत्र के यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।

गर्मी की छुट्टियों और शादी-विवाह के मौसम के कारण इस समय ट्रेनों में पहले से भारी भीड़ है। ऐसे में ट्रेन रद्द होने और मार्ग बदलने से यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र सक्रिय किए जा रहे हैं।

रेलवे ने जारी की सलाह

पूर्व रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे ने संयुक्त रूप से यात्रियों को सलाह दी है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस जरूर जांच लें। इसके लिए NTES ऐप, रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग किया जा सकता है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। दोहरीकरण और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और समयबद्ध संचालन में मदद मिलेगी।

फिलहाल रेलवे प्रशासन का पूरा ध्यान तकनीकी कार्य को सुरक्षित और समय पर पूरा करने पर है ताकि जल्द से जल्द सामान्य रेल परिचालन बहाल किया जा सके।

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