राहत की बारिश: बिहार में समय से पहले पहुंचा मानसून, भीषण गर्मी से मिली राहत

पटना/भागलपुर। भीषण गर्मी और उमस से परेशान बिहारवासियों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार निर्धारित समय से पहले बिहार में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून अपने तय कार्यक्रम से करीब दो दिन पहले राज्य में प्रवेश कर गया, जिससे कई जिलों में झमाझम बारिश हुई और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

मानसून की समयपूर्व दस्तक से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं क्योंकि खरीफ फसलों की तैयारी के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल में जोरदार बारिश

मानसून के प्रवेश के साथ ही सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी और मधेपुरा में झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया।

किशनगंज के तैयबपुर में सर्वाधिक 148 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं सुपौल के मरौना-मरूआही क्षेत्र में 106 मिमी, मधुबनी के लोहटी में 61.2 मिमी, अररिया के नरपतगंज में 20 मिमी तथा बहादुरगंज में 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

भागलपुर में भी बरसे बादल

भागलपुर में सुबह से ही काले बादलों का डेरा रहा और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। जिले में 23.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि सुल्तानगंज क्षेत्र में करीब 40 मिमी बारिश दर्ज की गई।

बारिश के कारण कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति भी बनी, लेकिन लोगों ने भीषण गर्मी से मिली राहत का स्वागत किया।

अगले दो दिनों में पूरे राज्य में फैल जाएगा मानसून

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून का प्रभाव राज्य के शेष हिस्सों तक पहुंच जाएगा। मौसम की परिस्थितियां मानसून के तेजी से विस्तार के लिए अनुकूल बनी हुई हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक दशक में यह मानसून के सबसे तेज विस्तारों में से एक है।

38 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

वज्रपात और हादसों में 10 लोगों की मौत

बारिश और वज्रपात के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में दर्दनाक हादसे भी सामने आए हैं। गुरुवार को वज्रपात और मौसम संबंधी घटनाओं में कुल 10 लोगों की मौत हो गई।

खगड़िया में सबसे अधिक पांच लोगों की जान गई। इसके अलावा बेगूसराय, मधेपुरा, सहरसा, भागलपुर और भोजपुर से भी मौत की खबरें सामने आई हैं।

भोजपुर में बारिश के दौरान बिजली का खंभा गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अन्य जिलों में वज्रपात ने लोगों की जान ले ली।

तापमान में आई गिरावट

बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी पटना सहित कई शहरों में अधिकतम तापमान में कमी आई है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बादल, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

किसानों के लिए शुभ संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले मानसून का आगमन कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे धान सहित खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी समय पर शुरू हो सकेगी और किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च भी नहीं करना पड़ेगा।

हालांकि मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में आवश्यक सावधानी बरतें।

राज्य में मानसून की समयपूर्व दस्तक ने जहां आम लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं कृषि क्षेत्र के लिए भी नई उम्मीदें जगाई हैं। आने वाले दिनों में मानसून के और सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।

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