
भागलपुर, 20 मई 2026: बिहार के भागलपुर में स्थित ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु पर यातायात ठप होने के बाद अब हालात को सामान्य बनाने के लिए भारतीय सेना और सीमा सड़क संगठन (BRO) ने मोर्चा संभाल लिया है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर अस्थायी लेकिन मजबूत “डबल लेयर बेली ब्रिज” तैयार करने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि अगर मौसम ने साथ दिया तो अगले 15 से 20 दिनों के भीतर इस वैकल्पिक पुल से वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकती है।
विक्रमशिला सेतु केवल भागलपुर ही नहीं बल्कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सड़क कड़ियों में से एक माना जाता है। यह पुल बिहार के पूर्वी जिलों को जोड़ने के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत की दिशा में जाने वाले यातायात के लिए भी अहम मार्ग है। ऐसे में पुल के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने से पूरे इलाके की रफ्तार थम गई थी। अब सेना और BRO की सक्रियता ने लोगों के बीच राहत और उम्मीद दोनों पैदा कर दी है।
सेना और BRO ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद केंद्र और राज्य स्तर पर कई दौर की समीक्षा बैठकों के बाद भारतीय सेना के इंजीनियरिंग विंग और BRO की विशेषज्ञ टीम को मौके पर तैनात किया गया। मंगलवार से निर्माण स्थल पर भारी मशीनों, स्टील संरचनाओं और इंजीनियरिंग उपकरणों की आवाजाही तेज हो गई।
सेना के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। निर्माण स्थल पर 24 घंटे काम जारी रखने के लिए तीन शिफ्टों में जवानों और इंजीनियरों की ड्यूटी लगाई गई है। रात में भी हाई-पावर लाइटिंग सिस्टम के बीच निर्माण कार्य लगातार चल रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, अस्थायी बेली ब्रिज बनने तक किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
वैदिक परंपरा के साथ हुआ निर्माण कार्य का शुभारंभ
निर्माण कार्य शुरू होने से पहले स्थल पर विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। गंगा किनारे स्थित पुल क्षेत्र में मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच परियोजना की शुरुआत की गई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, सेना के इंजीनियर, BRO के तकनीकी अधिकारी और बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे।
पूजा के दौरान पुल निर्माण के सुरक्षित और सफल संचालन की कामना की गई। स्थानीय लोगों ने भी इस अवसर को ऐतिहासिक बताया। कई नागरिकों ने कहा कि इतने बड़े संकट के बीच सेना की मौजूदगी ने भरोसा लौटाने का काम किया है।
कैसा होगा डबल लेयर बेली ब्रिज?
BRO द्वारा जो वैकल्पिक पुल तैयार किया जा रहा है, वह सामान्य अस्थायी पुलों से अलग और अधिक मजबूत डिजाइन पर आधारित है। अधिकारियों के अनुसार यह “डबल लेयर स्टील बेली ब्रिज” होगा, जिसमें दोहरी संरचनात्मक परतें लगाई जाएंगी। इससे पुल की मजबूती और भार सहन क्षमता बढ़ जाएगी।
तकनीकी जानकारी के अनुसार इस पुल की भार वहन क्षमता लगभग 25 टन होगी। इसका मतलब है कि इस पर छोटे और मध्यम श्रेणी के वाहन आसानी से गुजर सकेंगे। इनमें बाइक, कार, ऑटो, एम्बुलेंस और हल्के मालवाहक वाहन शामिल होंगे।
हालांकि भारी ट्रकों और बड़े कंटेनर वाहनों के लिए अभी अलग व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अस्थायी पुल से आम लोगों की सबसे बड़ी समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।
दिन-रात चल रहा निर्माण कार्य
निर्माण स्थल पर सेना और BRO की संयुक्त टीम पूरी ताकत के साथ काम में जुटी हुई है। मौके पर हाइड्रोलिक क्रेन, स्टील गर्डर, प्री-फैब्रिकेटेड संरचनाएं और कई भारी मशीनें पहुंचाई गई हैं। पुल के दोनों सिरों को जोड़ने के लिए विशेष तकनीकी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, सेना की इंजीनियरिंग टीम पहले पुल की आधार संरचना को स्थिर कर रही है। इसके बाद स्टील फ्रेम और बेली सेक्शन को क्रमवार जोड़ा जाएगा। पूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए मशीनों और मानव संसाधनों का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने भी निर्माण कार्य के लिए आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा बना दिया है ताकि किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।
पुल क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित हुआ था पूरा क्षेत्र
3 और 4 मई की रात विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से का स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद एहतियातन पुल पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया। इस फैसले का असर भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा और आसपास के कई जिलों में दिखाई देने लगा।
लोगों को एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचने में घंटों अतिरिक्त समय लगने लगा। व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कतें सामने आईं।
कई व्यापारियों ने बताया कि पुल बंद होने के कारण माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है। वहीं छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी वैकल्पिक मार्गों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
लोगों में लौट रही उम्मीद
सेना और BRO के सक्रिय होने के बाद अब लोगों के बीच सकारात्मक माहौल बनने लगा है। निर्माण कार्य की गति देखकर स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि जल्द ही सामान्य यातायात बहाल हो जाएगा।
भागलपुर के कई सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं ने भी सेना और BRO के प्रयासों की सराहना की है। लोगों का कहना है कि जिस तेजी से काम हो रहा है, उससे लगता है कि तय समय के भीतर पुल तैयार कर लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेली ब्रिज बनने के बाद क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही मरीजों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को भी सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिलेगी।
फिलहाल पूरे बिहार की नजरें विक्रमशिला सेतु पर चल रहे इस बड़े अभियान पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह परियोजना कितनी तेजी से आगे बढ़ती है, इस पर लाखों लोगों की आवाजाही और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का भविष्य निर्भर करेगा।


