
बिहार में समाज कल्याण विभाग की पहल पर चल रहा मुफ्त नेत्र जांच अभियान तेजी से सफल होता नजर आ रहा है। राज्यभर के बुनियाद केंद्रों के माध्यम से संचालित इस अभियान के तहत अब तक 46 हजार से अधिक लोगों की आंखों की जांच की जा चुकी है। यह अभियान खास तौर पर गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है, जिससे उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
राज्यभर के 101 अनुमंडलों में चल रहा अभियान
जानकारी के अनुसार, यह विशेष अभियान राज्य के सभी 101 अनुमंडलों में स्थित बुनियाद केंद्रों के जरिए संचालित किया जा रहा है।
समाज कल्याण विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी के मार्गदर्शन में इस अभियान को बड़े स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के अंतिम व्यक्ति तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।
46 हजार से अधिक लोगों की हो चुकी जांच
अब तक इस अभियान के तहत कुल 46,102 लाभार्थियों की आंखों की जांच की जा चुकी है।
यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और सरकारी योजनाओं का लाभ भी बड़े पैमाने पर मिल रहा है।
38 हजार से ज्यादा लोगों को चश्मे की जरूरत
नेत्र जांच के दौरान यह सामने आया कि करीब 38,500 लोगों को चश्मे की आवश्यकता है।
इन लाभार्थियों को चिन्हित कर उन्हें चश्मा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि उनकी दृष्टि संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान हो सके।
15 दिनों में मिलेगा चश्मा
राज्य स्वास्थ्य समिति के तहत सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि जांच के बाद 15 दिनों के भीतर लाभार्थियों को चश्मा उपलब्ध कराया जाए।
इसके बाद संबंधित केंद्रों पर चश्मा वितरण किया जाएगा, जिससे लोगों को तुरंत राहत मिल सके।
पटना जिला सबसे आगे
जिला-वार प्रगति की बात करें तो इस अभियान में पटना जिला सबसे आगे रहा है।
यहां अब तक 4,676 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 4,051 लोगों को चश्मा लगाने की सलाह दी गई।
इससे स्पष्ट होता है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में इस अभियान को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
विशेषज्ञ डॉक्टर कर रहे जांच
बुनियाद केंद्रों पर नियमित रूप से नेत्र जांच शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा लोगों की आंखों की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान दृष्टि दोष की पहचान कर तुरंत समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
गरीब और जरूरतमंदों के लिए राहत
यह अभियान खास तौर पर उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जो आर्थिक तंगी के कारण आंखों की जांच या इलाज नहीं करा पाते थे।
अब उन्हें न केवल मुफ्त जांच मिल रही है, बल्कि चश्मा भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
5 मई तक चलेगा अभियान
सरकार ने इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए इसकी अवधि 5 मई तक बढ़ाई है।
सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करें और अभियान के अंतिम चरण में विशेष सक्रियता दिखाएं।
सचिव वंदना प्रेयषी का बयान
समाज कल्याण विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी ने कहा कि यह अभियान समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक मजबूत माध्यम बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि 46 हजार से अधिक लोगों तक पहुंच बनाना एक बड़ी उपलब्धि है और आगे भी इस अभियान को और तेज किया जाएगा।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अधिक से अधिक लोगों की पहचान कर उन्हें इस योजना से जोड़ें।
साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को इस सुविधा से वंचित न रहना पड़े।
बिहार में चल रहा यह मुफ्त नेत्र जांच अभियान स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल साबित हो रहा है।
यह न सिर्फ लोगों की आंखों की रोशनी बचाने में मदद कर रहा है, बल्कि उन्हें एक बेहतर जीवन जीने का अवसर भी दे रहा है।
अगर इसी तरह अभियान को प्रभावी तरीके से जारी रखा गया, तो यह राज्य के लाखों लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है।


