
भागलपुर। बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के निर्देश तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आह्वान पर बुधवार को पूरे बिहार में आयोजित राज्यव्यापी एक दिवसीय जिला स्तरीय महाधरना कार्यक्रम के तहत भागलपुर जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के समक्ष राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बैनर तले विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद के जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव उपस्थित रहे।
धरना कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता, पदाधिकारी, समर्थक, किसान, युवा एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई तथा जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से राजद के पूर्व प्रत्याशी रहे शेख जयाउल हसन उर्फ जेड हसन ने केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हत्या, लूट, अपहरण और भ्रष्टाचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं के सामने बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। लाखों शिक्षित युवक-युवतियां रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन सरकार रोजगार सृजन की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। जेड हसन ने हाल ही में मद्य निषेध विभाग की परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए छात्रों को पर्याप्त ट्रेन सुविधा नहीं मिल सकी। इसके कारण बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र अपनी समस्याओं को लेकर एकत्र हुए तो पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाया। छात्रों और युवतियों पर लाठीचार्ज किया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरने और लाठियां खाने को मजबूर कर रही है।
जेड हसन ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल केवल अपने राजनीतिक हितों के लिए नहीं, बल्कि बिहार के 14 करोड़ गरीबों, दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों, किसानों, मजदूरों, छात्रों और बेरोजगार युवाओं की आवाज को बुलंद करने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, मजदूरों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है और युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों, छात्रों और युवाओं के खिलाफ हो रहे कथित दमनात्मक रवैये पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ाने, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार जनता की समस्याओं की अनदेखी करती रही तो राष्ट्रीय जनता दल का परिवार सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगा और जनहित के मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा।
मुख्य अतिथि एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव ने भी अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश और राज्य में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहे हैं। आम जनता महंगाई की मार से परेशान है, जबकि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय प्रचार-प्रसार में व्यस्त दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। सरकार को जनता की समस्याओं को सुनना चाहिए और उनका समाधान करना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत बनाने तथा जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को उठाने का आह्वान किया।
धरना कार्यक्रम में राजद नेता डॉ. चक्रपाणि हिमांशु, सौरभ यादव, शिशुपाल भारती, तिरुपति नाथ यादव, उमर ताज अंसारी, भोपाली यादव, अरविंद यादव, जनार्दन आजाद सहित कई नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान सरकार जनहित के मुद्दों पर विफल रही है और जनता अब परिवर्तन चाहती है।
कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद उस्मान ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक रामविलास पासवान, चंदन सिन्हा, डॉ. आनंद आजाद, लालू यादव, प्रभाकर यादव, प्रदीप यादव समेत जिले के अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इसके अलावा सभी प्रखंड अध्यक्ष, विभिन्न प्रकोष्ठों के जिला अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी धरना कार्यक्रम में शामिल हुए।
धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने किसानों, छात्रों, युवाओं और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नारे लगाए तथा अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
राजद नेताओं ने कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय, रोजगार, शिक्षा, किसान हित और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता के हर मुद्दे को मजबूती के साथ उठाया जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। धरना कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार का ध्यान जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया तथा जनता के हित में आवाज बुलंद करने का संकल्प दोहराया।


