काम के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवार को बड़ी राहत, ESIC देगा पेंशन और बकाया राशि

पटना, 29 अप्रैल 2026। काम के दौरान दुर्घटना में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ने ऐसे मामलों में आश्रितों को आर्थिक सहायता देने की अपनी प्रक्रिया को और प्रभावी बनाते हुए एक उदाहरण पेश किया है।

बिहार क्षेत्र में ESIC ने एक बीमित कर्मचारी के परिवार को न केवल मासिक पेंशन स्वीकृत की है, बल्कि दुर्घटना के बाद की पूरी बकाया राशि भी लौटाने की पहल की है।

आश्रितों को मिला आर्थिक सहारा

जानकारी के अनुसार, सहरसा जिले के सोनवर्षा निवासी सुमन कुमार सिंह की कार्य के दौरान हुई दुर्घटना में 21 अक्टूबर 2022 को मौत हो गई थी।

वे से जुड़े प्रोजेक्ट में कार्यरत थे और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।

उनकी मृत्यु के बाद परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में आ गया था।

ESIC ने दी मासिक पेंशन

मामले की जांच के बाद ESIC ने मृतक के आश्रितों को “आश्रित हितलाभ” के तहत पेंशन देने का निर्णय लिया।

इस योजना के तहत मृतक की पत्नी और बच्चों को 276 रुपये प्रतिदिन की दर से हर महीने 8,280 रुपये की पेंशन दी जाएगी।

यह राशि परिवार के लिए नियमित आय का स्रोत बनेगी, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें पूरी हो सकेंगी।

बकाया राशि भी की जा रही है ट्रांसफर

केवल पेंशन ही नहीं, बल्कि ESIC ने दुर्घटना की तिथि से अब तक की बकाया राशि भी परिवार को देने का निर्णय लिया है।

लगभग 3,47,760 रुपये की यह राशि सीधे आश्रितों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही है।

यह एकमुश्त सहायता परिवार के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

अधिकारियों ने जताई संवेदना

इस अवसर पर ESIC के क्षेत्रीय निदेशक सीए. निरंजन कुमार ने मृतक के परिवार को यह सहायता प्रदान करते हुए संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल बीमा देना नहीं, बल्कि कठिन समय में परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

कार्यक्रम में सहायक निदेशक अभिषेक कुमार भी उपस्थित रहे।

क्या है ‘रोजगार चोट’

ESIC अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के तहत “रोजगार चोट” (Employment Injury) की स्पष्ट परिभाषा दी गई है।

यदि किसी कर्मचारी को कार्यस्थल पर या कार्यस्थल और घर के बीच यात्रा के दौरान दुर्घटना होती है, तो उसे रोजगार चोट माना जाता है।

ऐसे मामलों में कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को वेतन का लगभग 90 प्रतिशत तक पेंशन देने का प्रावधान है।

सामाजिक सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था

ESIC की यह योजना देश के संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र प्रदान करती है।

इससे यह सुनिश्चित होता है कि किसी कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु के बाद उसका परिवार आर्थिक रूप से असहाय न हो।

क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण

भारत जैसे देश में जहां बड़ी संख्या में लोग रोज़गार के लिए जोखिम भरे कार्य करते हैं, वहां ऐसी योजनाएं बेहद जरूरी हैं।

यह न केवल कर्मचारियों को सुरक्षा का भरोसा देती हैं, बल्कि उनके परिवारों को भी भविष्य की चिंता से राहत प्रदान करती हैं।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि ESIC जैसी योजनाओं को और व्यापक बनाने की जरूरत है, ताकि ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी और उनके परिवार इस सुरक्षा कवच का लाभ उठा सकें।

इसके साथ ही जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है, ताकि लोग अपने अधिकारों के बारे में जान सकें।

ESIC द्वारा दिया गया यह आर्थिक सहयोग न केवल एक परिवार के लिए राहत का माध्यम है, बल्कि यह एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का उदाहरण भी है।

काम के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए यह योजना उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है।

सरकार और संस्थाओं के इस तरह के प्रयास समाज में सुरक्षा और भरोसे को मजबूत करते हैं, जिससे हर कर्मचारी अपने काम के दौरान खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर सकता है।

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