
सीकर, 29 अप्रैल 2026। राजस्थान के सीकर जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक के साथ शादी के नाम पर कथित तौर पर बड़ी ठगी की गई।
शादी के महज सात महीने बाद ही पत्नी द्वारा जुड़वा बच्चों को जन्म देने से पति को शक हुआ और जब उसने जांच-पड़ताल की, तो जो सच सामने आया उसने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी।
शादी के बाद शुरू हुआ संदेह
यह मामला दांतारामगढ़ क्षेत्र के पचार गांव का है। पीड़ित युवक के अनुसार, उसकी शादी 1 मार्च 2025 को जयपुर में एक सामाजिक सम्मेलन के दौरान हुई थी।
लड़की के परिवार ने उसे पूरी तरह अविवाहित बताया था और सभी रस्में विधि-विधान के साथ पूरी की गई थीं।
शादी के बाद शुरुआती कुछ दिन सामान्य रहे, लेकिन धीरे-धीरे दुल्हन के व्यवहार में बदलाव दिखने लगा।
मायके जाने की जिद और गहनों का खेल
परिजनों के अनुसार, शादी के कुछ ही दिनों बाद दुल्हन बार-बार मायके जाने की जिद करने लगी।
परिवार ने इसे सामान्य समझकर उसे जाने दिया, लेकिन 20 जून को उसने एक बड़ा कदम उठाया।
वह मायके में एक शादी समारोह में जाने का बहाना बनाकर ससुराल से लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने अपने साथ ले गई और फिर वापस नहीं लौटी।
इसके बाद से उसका संपर्क भी धीरे-धीरे खत्म हो गया।
जुड़वा बच्चों ने खोला राज
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब 16 अक्टूबर 2025 को महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।
शादी के केवल सात महीने के भीतर बच्चों का जन्म होना स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा करने वाला था।
यही वह क्षण था, जब पति को शक हुआ कि कुछ बड़ा छिपाया गया है।
जांच में सामने आया सच
पति ने जब अपने स्तर पर जांच शुरू की, तो उसे पता चला कि उसकी पत्नी पहले से शादीशुदा थी।
बताया जा रहा है कि महिला की पहली शादी वर्ष 2016 में राजसमंद जिले के एक व्यक्ति से हो चुकी थी।
इस खुलासे के बाद पूरे मामले को एक सुनियोजित धोखाधड़ी के रूप में देखा जाने लगा।
कोर्ट के जरिए दर्ज कराया केस
पीड़ित युवक ने इस मामले में कोर्ट की शरण ली और दांतारामगढ़ थाने में पत्नी और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लड़की के परिवार ने सच्चाई छिपाकर दूसरी शादी करवाई और इसके बाद गहने लेकर फरार हो गए।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल वैवाहिक विवाद नहीं, बल्कि संगठित ठगी का भी हो सकता है।
यह भी जांच की जा रही है कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सामाजिक और कानूनी पहलू
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला धोखाधड़ी, जालसाजी और विवाह संबंधी कानूनों के गंभीर उल्लंघन के तहत आता है।
ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
समाज के लिए सबक
यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक भी है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय में पूरी जांच-पड़ताल और पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
आज के समय में बढ़ते धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए सतर्क रहना आवश्यक हो गया है।
सीकर का यह मामला न केवल एक परिवार की पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि विश्वास का दुरुपयोग किस तरह किया जा सकता है।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि सच्चाई क्या सामने आती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
फिलहाल, यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है।


