बदलते मौसम का असर: भागलपुर सदर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़, बच्चों में वायरल बीमारियों का प्रकोप

बांका और मुंगेर से भी आ रहे मरीज, अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्था शुरू की

भागलपुर, 1 जुलाई 2025:भागलपुर समेत आसपास के जिलों में मौसम के अचानक बदलते मिजाज का सीधा असर आमजन की सेहत पर पड़ने लगा है। खासकर बच्चों में वायरल और मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है, जिससे भागलपुर सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि देखने को मिल रही है।

तीन जिलों से पहुंच रहे हैं मरीज

सदर अस्पताल के ओपीडी में रोज़ाना भागलपुर, बांका और मुंगेर जिलों से सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ओपीडी में बच्चों की लंबी कतारें लगी देखी जा रही हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, इन दिनों प्रतिदिन औसतन 800 से 1000 मरीज केवल बाल रोग विभाग में परामर्श के लिए आ रहे हैं।

बच्चों में वायरल बीमारियों का प्रकोप

डॉक्टरों के अनुसार, वर्तमान में सबसे ज्यादा मामले बुखार, खांसी-जुकाम, डायरिया और स्किन इंफेक्शन के सामने आ रहे हैं।
मौसम में अचानक आर्द्रता (नमी) बढ़ने, तापमान में उतार-चढ़ाव और संक्रमण फैलने की प्रवृत्ति के कारण छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है।

डॉ. रवि शंकर, बाल रोग विशेषज्ञ का कहना है,
“परिवर्तित मौसम में बच्चों को संक्रमण जल्दी हो जाता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की सफाई, खानपान और हाइड्रेशन का विशेष ध्यान रखें।”

अस्पताल प्रशासन ने किए विशेष प्रबंध

अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त चिकित्सा स्टाफ की ड्यूटी लगाई है। ओपीडी की अवधि भी बढ़ाई जा रही है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। अस्पताल परिसर में स्वच्छता और दवा वितरण की निगरानी बढ़ा दी गई है।


बचाव के लिए डॉक्टरों की सलाह:

  • बच्चों को घर का बना ताजा खाना दें
  • मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं
  • खुले में खेलने से बचाएं, खासकर सुबह-शाम
  • डायरिया के लक्षण दिखें तो तत्काल ओआरएस और चिकित्सक की सलाह लें
  • बुखार या रैशेज़ हो तो खुद से दवा न दें, अस्पताल में दिखाएं

भागलपुर में मौसमी बदलाव के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा है। अस्पताल प्रशासन जहां एक ओर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कर रहा है, वहीं जनता से भी सहयोग और सावधानी की अपील की जा रही है। अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और बच्चों की सेहत के प्रति सतर्क रहें।


 

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