निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर डीएम ने की बैठक, सभी दलों को बीएलए नियुक्त करने का निर्देश

भागलपुर, 25 जून 2025: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एवं मतदान केंद्रों के युक्तिकरण को लेकर आज भागलपुर के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में डीएम ने कहा कि इस पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाना है ताकि सभी पात्र नागरिकों का नाम सूची में हो और अपात्र व्यक्ति हटाए जा सकें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “योग्य मतदाता वंचित न रहें, और अयोग्य नाम सूची में नहीं रहें।”

आयोग के निर्देश

भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार राज्य में 25 जून से 30 सितंबर 2025 तक विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कराने का निर्देश दिया है। अंतिम बार यह प्रक्रिया राज्य में वर्ष 2003 में हुई थी।

डीएम ने जानकारी दी कि मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की समय-सीमा 25 जून से 26 जुलाई 2025 तक तय की गई है। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 1 अगस्त 2025 को किया जाएगा।

बीएलओ, बीएलए और राजनीतिक दलों की भूमिका

डीएम ने बताया कि सभी बीएलओ (Booth Level Officers) निर्वाचन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे और कोई स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और यदि कोई घर बंद मिलता है तो वे तीन बार दौरा करेंगे।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए संशोधित फॉर्म-2 में बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति शीघ्र कराने का आग्रह किया। बीएलए की सक्रिय भागीदारी से मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी।

त्रुटिरहित सूची के लिए सतर्कता जरूरी

उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती श्वेता कुमारी ने बताया कि तेजी से हो रहे शहरीकरण, प्रवासन, युवाओं का 18 वर्ष की आयु पूरी करना, मृतकों के नाम हटाना, और विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से पंजीकरण की संभावना को देखते हुए यह गहन पुनरीक्षण आवश्यक हो गया है।

बीएलओ के माध्यम से एकत्रित गणना प्रपत्र (Enumeration Form) में हर मतदाता को आवश्यक दस्तावेजों सहित घोषणा-पत्र देना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिसमें मतदाता स्वयं फॉर्म भरकर दस्तावेज़ अपलोड कर सकेंगे।

दस्तावेजों की सूची

जो व्यक्ति 2003 की निर्वाचक नामावली में नहीं हैं, उन्हें पात्रता सिद्ध करने के लिए सरकार द्वारा मान्य कोई दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा, जैसे:

  • पेंशन भुगतान आदेश या सरकारी पहचान पत्र
  • 01.07.1987 से पूर्व जारी प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र
  • बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र
  • स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार पत्र, भूमि/आवास आवंटन पत्र
  • राज्य/स्थानीय निकायों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर आदि।

दावे और आपत्तियां

मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या अद्यतन करने के लिए निर्धारित फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। यदि किसी मतदाता की पात्रता पर संदेह होता है, तो ERO नोटिस जारी कर जांच करेगा और निर्णय लेगा। सभी प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत की जाएगी।

अपील और पारदर्शिता

ERO द्वारा लिए गए किसी निर्णय के खिलाफ संबंधित मतदाता जिला पदाधिकारी या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। सभी दस्तावेज ECINET पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे ताकि प्रक्रिया डिजिटल रूप से भी पारदर्शी हो।

बैठक में उपस्थिति

बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिला प्रशासन द्वारा निर्वाचन से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई और सहयोग का अनुरोध किया गया।


 

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