
पटना। पारस अस्पताल में अपराधी चंदन मिश्रा की हत्या के बाद राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल की पूरी सुरक्षा व्यवस्था को पार कर चार से पांच हथियारबंद अपराधियों द्वारा वारदात को अंजाम देना बेहद गंभीर और चिंता का विषय है। इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जाएगी।
डीजीपी ने कहा कि अस्पताल में तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों और जिम्मेदारों का बयान दर्ज किया जाएगा। साथ ही निजी अस्पतालों को लेकर एक विशेष एडवाइजरी जारी करने की योजना है, ताकि सुरक्षा की ऐसी चूक फिर न हो। उन्होंने कहा, “हम अस्पतालों को निर्देश देंगे कि वे अपने सुरक्षाकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दें, मॉकड्रिल कराएं और ऐसी घटनाओं पर नजर रखने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था बनाएं।”
सवालों के घेरे में पारस अस्पताल की सुरक्षा
डीजीपी ने मीडिया से कहा, “पारस अस्पताल में आमतौर पर पुलिस को भी अंदर जाने के लिए सुरक्षा प्रभारी से बात करनी पड़ती है, क्योंकि उनका एक्सेस कंट्रोल सिस्टम है। ऐसे में अपराधियों का आसानी से अंदर पहुंच जाना और वारदात को अंजाम देना, यह साफ तौर पर सुरक्षा में बड़ी चूक है। यह जांच का विषय है कि आखिर सुरक्षा बैरियर कैसे पार हुए।”
चंदन मिश्रा का आपराधिक इतिहास
विनय कुमार ने कहा कि मृतक चंदन मिश्रा कोई साधारण अपराधी नहीं था, बल्कि वह एक दुर्दांत अपराधी था। उस पर हत्या के दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे। पुलिस की नजर में वह लंबे समय से एक खतरनाक गैंगस्टर के रूप में चिन्हित था।
फिलहाल क्या हो रहा है?
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। एक अपराधी की पहचान फुलवारीशरीफ के तौसिफ उर्फ बादशाह के रूप में हुई है। उसकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है।


