भरत तिवारी एनकाउंटर पर मनोज झा का बड़ा हमला: “एनकाउंटर व्यक्ति का नहीं, सच का होता है”

पटना: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद Manoj Jha ने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि किसी भी एनकाउंटर का सबसे बड़ा नुकसान सच को होता है और ऐसे मामलों में अपराध के पीछे की पूरी सच्चाई दब जाती है।

“एनकाउंटर सच पर पर्दा डालने का माध्यम”

मनोज झा ने कहा कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम को देखा है और उनकी नजर में एनकाउंटर का वास्तविक अर्थ सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि सच का अंत होता है।

उन्होंने कहा,

“एनकाउंटर कभी भी सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं होता, यह सच का एनकाउंटर होता है। कई बार नंबर बढ़ाने, पीठ थपथपाने और अपनी छवि बनाने के लिए भी ऐसे कदम उठाए जाते हैं।”

“घोषित अपराधी हो तब भी जांच जरूरी”

राजद सांसद ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति घोषित अपराधी भी हो, तब भी कानून का उद्देश्य उसे मारना नहीं बल्कि अपराध के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना होना चाहिए।

उनके मुताबिक,

“अपराध की जड़ तक पहुंचना, उसके सहयोगियों की पहचान करना और पूरे नेटवर्क का खुलासा करना पुलिस का काम है। लेकिन एनकाउंटर होने पर इन सभी पहलुओं पर पर्दा पड़ जाता है।”

सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना

मनोज झा ने बिहार में बढ़ते अपराध का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री Samrat Choudhary पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहा है और सरकार प्रभावी जवाब देने में विफल रही है।

उन्होंने कहा कि गरीब, अति पिछड़ा, दलित और व्यापारी वर्ग सभी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन सरकार केवल दिखावटी राजनीति कर रही है।

प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल

राजद सांसद ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले बिहार की कानून-व्यवस्था पर लगातार टिप्पणी करने वाले प्रधानमंत्री अब राज्य में हो रही घटनाओं पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।

मनोज झा ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार की पूरी संरचना सवालों के घेरे में है।

“जनादेश नीतीश कुमार के नाम पर था”

उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में जनता ने जनादेश मुख्यमंत्री पद के लिए नहीं बल्कि Nitish Kumar के नेतृत्व को ध्यान में रखकर दिया था।

मनोज झा ने कहा,

“सम्राट चौधरी के नाम पर चुनाव नहीं लड़ा गया था। उनके पास जनता का सीधा जनादेश नहीं है।”

भरत तिवारी एनकाउंटर पर बढ़ती सियासत

17 जून को भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी जारी है। विपक्ष इस मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि सरकार और पुलिस प्रशासन अपने स्तर पर जांच की बात कह रहे हैं। इस बीच मामला अब बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

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