तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल्स और बयानों की जांच, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
पटना। नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस मुख्यालय स्तर पर सख्ती दिखाई देने लगी है। इस गंभीर मामले को लेकर बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें जांच की प्रगति और अब तक सामने आए तथ्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में डीजी कुंदन कृष्णन भी मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान आईजी और एसएसपी ने डीजीपी को पूरे मामले की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किन बिंदुओं पर जांच की गई है, कौन-कौन से साक्ष्य जुटाए गए हैं और आगे की जांच की दिशा क्या होगी।
तकनीकी साक्ष्य और डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे
बैठक में बताया गया कि अब तक कॉल डिटेल्स, डिजिटल सबूत और कई लोगों के बयान एकत्र किए जा चुके हैं। छात्रा के संपर्क में रहे लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे किसी प्रकार का दबाव या आपराधिक साजिश तो नहीं थी।
निष्पक्ष जांच के निर्देश
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें निष्पक्ष व पारदर्शी जांच सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए और कहा कि दोषियों को कानून के दायरे में लाना जरूरी है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में एसआईटी चीफ, एसडीपीओ सचिवालय सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। डीजीपी ने जांच टीम को समयबद्ध तरीके से प्रगति रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी उठ रहा मामला
गौरतलब है कि इस घटना के बाद से छात्र संगठनों और परिजनों द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।


