
भागलपुर, 14 मई 2025:पिछले कुछ दिनों से प्रचंड गर्मी के बावजूद भागलपुर जिले में महिला संवाद कार्यक्रमों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले के दूरदराज ग्रामीण इलाकों में आयोजित हो रहे इन संवाद कार्यक्रमों में महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल होकर अपने गांव के विकास और व्यक्तिगत आकांक्षाओं को साझा कर रही हैं।
आज के आंकड़े
मंगलवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 30 जीविका महिला ग्राम संगठनों द्वारा महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें 6,486 सदस्य शामिल हुए, जिनमें 5,945 महिलाएं थीं। अब तक जिले में 945 स्थानों पर महिला संवाद आयोजित हो चुके हैं और इनमें लगभग दो लाख से अधिक महिलाएं, पुरुष और बच्चे भाग ले चुके हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से अब तक 13,475 आकांक्षाएं प्राप्त की गई हैं, जिन्हें विशेष मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकृत कर संबंधित विभागों को प्रेषित किया जा रहा है ताकि उनका समयबद्ध निष्पादन हो सके।
महिलाओं की आवाज़ बन रहा है संवाद
बिहपुर प्रखंड के मढ़वा पश्चिम पंचायत में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भाग ले रहीं सुनिता देवी ने कहा कि “बिहार सरकार की योजनाओं ने महिलाओं की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। पहले महिलाएं घर से बाहर निकलने में हिचकिचाती थीं, लेकिन अब वे संगठित होकर समाज और परिवार में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं।”
संवाद का संचालन और संरचना
इन कार्यक्रमों के आयोजन में जीविका महिला ग्राम संगठनों की आयोजन समिति की विशेष भूमिका होती है, जिसमें अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और सामाजिक कार्य समिति की सदस्य महिलाएं शामिल होती हैं। संवाद के दौरान सरकार की योजनाओं पर आधारित वीडियो फिल्में दिखाई जाती हैं और लगभग 45 मिनट तक महिलाओं से सीधा संवाद कर उनकी राय और आकांक्षाएं सुनी जाती हैं।
कार्यक्रम की तकनीकी और प्रशासनिक निगरानी के लिए हर ग्राम संगठन में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि जीविका के सामुदायिक एवं क्षेत्रीय समन्वयक टीम लीडर की भूमिका में कार्यक्रम संचालन सुनिश्चित कर रहे हैं।
जीविका परियोजना प्रबंधन की प्रतिक्रिया
जिला परियोजना प्रबंधक के अनुसार, “महिलाओं से मिली आकांक्षाओं को गंभीरता से लेते हुए उन्हें संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। यह पहल न सिर्फ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है बल्कि शासन की पारदर्शिता और सहभागिता को भी मजबूत कर रही है।”
महिला संवाद कार्यक्रम बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त मंच बनकर उभरा है। इससे न सिर्फ महिलाएं अपनी बात कह पा रही हैं, बल्कि सरकार को जमीनी स्तर पर काम करने के लिए मूल्यवान सुझाव भी मिल रहे हैं।


