दरभंगा में पैट-2024 परीक्षा में बवाल: सीएम साइंस कॉलेज की दोनों पालियां रद, 4 परीक्षार्थी निष्कासित
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) की पीएचडी नामांकन के लिए आयोजित अंतिम जांच परीक्षा (पैट-2024) शनिवार को शहर के कई परीक्षा केंद्रों पर विवाद और हंगामे की भेंट चढ़ गई। खुलेआम कदाचार और ‘सेटिंग’ के आरोपों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीएम साइंस कॉलेज केंद्र की दोनों पालियों की परीक्षा रद कर दी है। वहीं मिल्लत कॉलेज केंद्र से कदाचार में लिप्त चार परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया है।
विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक, अन्य केंद्रों—केएस कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज, एमएलएसएम कॉलेज—से भी वीक्षकों पर सेटिंग वाले परीक्षार्थियों को उत्तर लिखवाने और मोबाइल से आए जवाबों के सहारे कॉपी कराने के आरोप लगे हैं। परीक्षा विभाग ने सभी केंद्रों से खैरियत प्रतिवेदन मांगा है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई और अन्य केंद्रों पर निर्णय की संभावना जताई जा रही है।
सेटिंग के आरोपों से भड़का आक्रोश
विश्वविद्यालय स्तर पर हो रही इस अंतिम जांच परीक्षा को लेकर शुरुआत से ही ‘सेटिंग’ के आरोप लगते रहे हैं। कहा जा रहा है कि हाई-प्रोफाइल परीक्षार्थियों ने अपनी सफलता सुनिश्चित करने के लिए पटना से दिल्ली तक संपर्क साधे थे। इसी के कारण सुबह से ही महंगी गाड़ियों में परीक्षार्थियों का आना शुरू हो गया था—कोई पटना, वाराणसी, तो कोई भोपाल और दिल्ली से भी पहुंचा।
सीएम साइंस कॉलेज केंद्र से लेकर नगर निगम तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। परीक्षा समय पर शुरू हुई, लेकिन जैसे ही कुछ केंद्रों पर चुनिंदा परीक्षार्थियों को अनुचित सुविधा मिलने की खबर फैली, विरोध तेज हो गया। अन्य केंद्रों पर विरोध दबा दिया गया, मगर सीएम साइंस कॉलेज में हालात बेकाबू हो गए।
कुलपति भी पहुंचे, नहीं माने परीक्षार्थी
स्थिति की गंभीरता देखते हुए कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी खुद केंद्र पर पहुंचे, लेकिन परीक्षार्थी किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। आखिरकार प्रशासन को दोनों पालियों की परीक्षा रद करने का निर्णय लेना पड़ा।
राज्य स्तर पर होगी पैट
गौरतलब है कि वर्ष 2025 से पीएचडी नामांकन की जांच परीक्षा राज्य स्तर पर आयोजित की जानी है। मौजूदा घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
फिलहाल सभी की नजरें विश्वविद्यालय की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।


