
नई दिल्ली: दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता धरने पर बैठे। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया, जिसके बाद केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
हिरासत के बाद के. सुरेश का सरकार पर हमला
हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे सांसदों के साथ सख्ती की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री आवास के बाहर इसलिए विरोध कर रही थी क्योंकि एक दिन पहले छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले पर न प्रधानमंत्री की ओर से कोई बयान आया और न ही गृह मंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया दी गई।
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर छात्रों के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया और केंद्र सरकार से पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांगा। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है और छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से दबाया नहीं जाना चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी का आरोप है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों का समाधान करने के बजाय सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और इस पूरे मामले पर सरकार से संसद में जवाब देने की मांग की।
चरणजीत सिंह चन्नी का आरोप
हिरासत के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि सरकार का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की बात सुनने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
मणिकम टैगोर बोले—PM से मिलने नहीं दिया गया
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि विपक्ष को संसद और प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। उनके अनुसार, कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई और प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ले लिया गया।
राजनीतिक घमासान जारी
छात्रों के आंदोलन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही और कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है।


