मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना सहित कई जनहितकारी प्रस्तावों को मिली मंजूरी
पटना, 1 जुलाई 2025: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें युवाओं के लिए इंटर्नशिप योजना, कलाकारों के लिए पेंशन योजना, औद्योगिक क्षेत्र में सुधार, और त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों के लिए चिकित्सा सहायता कोष जैसी अहम घोषणाएं शामिल हैं।
युवाओं को मिलेगा कौशल विकास के साथ आर्थिक सहारा: मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना शुरू
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत पांच वर्षों में एक लाख युवाओं को कार्य अनुभव, इंटर्नशिप और मासिक भत्ता दिया जाएगा।
प्रथम वर्ष में 5,000 युवाओं को योजना का लाभ मिलेगा।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- लाभार्थी आयु सीमा: 18 से 28 वर्ष
- योग्यता: 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक/स्नातकोत्तर
- इंटर्नशिप राशि:
- 12वीं पास व प्रशिक्षित: ₹4,000/माह
- आईटीआई/डिप्लोमा: ₹5,000/माह
- स्नातक/स्नातकोत्तर: ₹6,000/माह
- अतिरिक्त सहायता:
- गृह जिले से बाहर कार्य करने पर ₹2,000/माह
- राज्य से बाहर इंटर्नशिप पर ₹5,000/माह
- भुगतान प्रणाली: डीबीटी के माध्यम से सीधा लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर
इस योजना का उद्देश्य युवाओं को व्यावसायिक अनुभव देकर उन्हें बेहतर रोजगार के लिए तैयार करना है।
मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना को मंजूरी
राज्य के वरिष्ठ और जरूरतमंद कलाकारों को अब ₹3,000 मासिक पेंशन दी जाएगी।
पात्रता मानदंड:
- आयु 50 वर्ष या अधिक
- वार्षिक आय ₹1.20 लाख से कम
- 10 वर्षों का कला क्षेत्र में अनुभव
- चाक्षुष, लोक, नाट्य, वाद्य, पेंटिंग आदि कलाओं से जुड़े कलाकार लाभान्वित होंगे
साथ ही, पारंपरिक कलाओं के संरक्षण हेतु मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना शुरू की गई है। इसके लिए वर्ष 2025-26 में ₹1.11 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
औद्योगिक क्षेत्र में एफएआर और नियमों में संशोधन
औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) और अन्य निर्माण मानकों में ढील दी है।
- औसत भूमि हानि 41.8% से घटाकर 30.9%
- गैर-प्रदूषित उद्योगों के लिए FAR 1.5 से बढ़ाकर 2.0
- फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए पार्किंग क्षेत्र 30% से घटाकर 14%
- हॉस्टल और डोरमेटरी निर्माण की अनुमति
पंचायती राज प्रतिनिधियों को चिकित्सा सहायता
अब राज्य के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के अंतर्गत विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद ले सकेंगे।
चिकित्सा सहायता राशि (चयनित बीमारियों के लिए):
- कैंसर: ₹80,000 से ₹1.30 लाख
- हृदय रोग: ₹60,000 से ₹1.80 लाख
- मस्तिष्क सर्जरी: ₹3 लाख
- नेत्र सर्जरी: ₹20,000–₹40,000
- किडनी ट्रांसप्लांट: ₹3 लाख
- कुल्हा प्रत्यारोपण: ₹1.70 लाख
- घुटना प्रत्यारोपण: ₹1.50 लाख
कुल 16 बीमारियों के लिए सहायता दी जाएगी।
सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को भत्ता
पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीशों और सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीशों को अब प्रति माह ₹55,000–₹60,000 घरेलू सहायता भत्ता तथा ₹15,000 टेलीफोन/इंटरनेट भत्ता मिलेगा।
अन्य प्रमुख फैसले:
- रामपुर कोदरकट्टी (अररिया) में राजकीय मेडिकल कॉलेज हेतु 20.60 एकड़ भूमि स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई
- सिमरिया घाट (बेगूसराय) के विकास हेतु 40 एकड़+25.5 डिसमिल भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित
- बिहार फैक्ट्री नियमावली में संशोधन: अब खतरनाक फैक्ट्रियों में गर्भवती और दुग्धपान कराने वाली महिलाओं को छोड़ अन्य महिलाएं कार्य कर सकेंगी
- गोकुल जलाशय (भोजपुर) के संरक्षण के लिए ₹32.48 करोड़ की स्वीकृति
- नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (2025-26): ₹36.35 करोड़
- मिट्टी जांच प्रयोगशाला स्थापना/सुदृढ़ीकरण (कृषि रोडमैप के तहत): ₹30.49 करोड़
राज्य सरकार ने युवाओं, कलाकारों, जनप्रतिनिधियों और उद्योग क्षेत्र को लेकर व्यापक निर्णय लिए हैं, जिनसे न केवल रोजगार व कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।


