​बक्सर में मानवता शर्मसार: बारात में आई नर्तकी के साथ पांच दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म; कर्मनाशा नदी के किनारे बधार में दी वारदात को अंजाम

बक्सर/राजपुर। बिहार के बक्सर जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता को भी झकझोर कर रख दिया है। राजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में बीते शुक्रवार की रात एक नर्तकी के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया है। मनोरंजन के नाम पर बुलाई गई एक कलाकार के साथ हुई इस दरिंदगी ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पीड़िता ने इस मामले में स्थानीय राजपुर थाने में पांच युवकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। यह घटना उस समय हुई जब गांव में खुशियों का माहौल था और बारात की रौनक छाई हुई थी, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों की वहशीियत ने उस उत्सव को कलंकित कर दिया।

बारात की खुशियों के बीच ‘खूनी’ साजिश

​जानकारी के मुताबिक, राजपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी शिवपूजन राजभर के घर पर शुक्रवार की रात एक बारात आई थी। शादी की खुशियों और मेहमानों के मनोरंजन के लिए एक नर्तकी को आमंत्रित किया गया था। गांव के आंगन में देर रात तक नाच-गाने का कार्यक्रम चलता रहा और लोग मनोरंजन का आनंद लेते रहे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद, जब थकान से चूर नर्तकी अपने घर लौटने की तैयारी कर रही थी, तभी वहां मौजूद कुछ युवकों की नीयत बदल गई।

​आरोप है कि जब नर्तकी कार्यक्रम खत्म कर वापस जाने के लिए सामान समेट रही थी, तभी गांव के ही कुछ युवकों ने उसे जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की। अंधेरे का फायदा उठाते हुए अपराधी उसे गांव के बाहर कर्मनाशा नदी के किनारे सुनसान बधार (खेत) की ओर ले गए। वहां ले जाकर चार-पांच युवकों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी। दरिंदगी की इस घटना के बाद अपराधी पीड़िता को उसी हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए।

राजपुर थाने में मुकदमा और पुलिस की सक्रियता

​घटना के बाद पीड़िता किसी तरह हिम्मत जुटाकर स्थानीय लोगों की मदद से थाने पहुँची और अपने साथ हुई आपबीती सुनाई। पीड़िता के बयान के आधार पर राजपुर पुलिस ने पांच युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल जांच) के लिए अस्पताल भेजा है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।

​बक्सर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और वे उसी क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। सामूहिक दुष्कर्म जैसी जघन्य वारदात के बाद इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस की गश्ती बढ़ा दी गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस इस मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की कोशिश करेगी। हालांकि, घटना के बाद से ही सभी आरोपी अपने घरों से फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं।

बिहार में आर्केस्ट्रा कलाकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

​बक्सर की यह घटना एक बार फिर बिहार के ग्रामीण इलाकों में आयोजित होने वाले आर्केस्ट्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़ा करती है। अक्सर शादी-ब्याह के मौसम में मनोरंजन के लिए नर्तकियों को दूर-दराज के इलाकों से बुलाया जाता है, लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी न तो आयोजकों द्वारा ली जाती है और न ही स्थानीय स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था होती है।

​रामपुर गांव में हुई यह वारदात दर्शाती है कि अपराधियों के मन में कानून का खौफ किस कदर खत्म हो चुका है कि वे भीड़भाड़ वाले आयोजनों के बाद भी ऐसी हैवानियत को अंजाम देने का साहस जुटा पा रहे हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि कलाकारों का सम्मान समाज की जिम्मेदारी है और जो लोग मनोरंजन के नाम पर कलाकारों को बुलाकर उनके साथ ऐसा व्यवहार करते हैं, उन्हें समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

कर्मनाशा नदी के किनारे का वह ‘काला’ शुक्रवार

​शुक्रवार की वह रात रामपुर गांव के लिए कभी न भूलने वाली एक दुखद याद बन गई है। कर्मनाशा नदी का किनारा, जो अक्सर शांति के लिए जाना जाता है, उस रात एक मासूम की चीखों और अपराधियों की वहशीियत का गवाह बना। पीड़िता का आरोप है कि उसे सुनसान जगह पर ले जाया गया जहाँ मदद की कोई पुकार नहीं सुनी जा सके। बधार के अंधेरे में अपराधियों ने जिस तरह से इस वारदात को अंजाम दिया, उससे साफ़ है कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।

​पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या कार्यक्रम के दौरान ही युवकों ने नर्तकी का पीछा करने की योजना बना ली थी। घटना के बाद गांव के लोगों में भी काफी गुस्सा है। शिवपूजन राजभर के घर पर जहाँ शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां भी इस खबर के बाद सन्नाटा पसर गया है। बारात में आए अन्य लोग और ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं।

मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक न्याय की दरकार

​बक्सर की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए केवल कानून का होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक सोच में भी बदलाव की जरूरत है। एक कलाकार जो अपनी कला के जरिए लोगों का मनोरंजन करती है, उसके साथ इस तरह का अमानवीय कृत्य समाज के पतन को दर्शाता है।

​पीड़िता वर्तमान में गहरे सदमे में है और पुलिस की सुरक्षा में है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डिजिटल सर्विलांस और मुखबिरों का सहारा लिया जा रहा है। सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले में राजपुर पुलिस पर भी भारी दबाव है कि वह जल्द से जल्द दोषियों को सलाखों के पीछे पहुँचाए। बक्सर जिले की कानून-व्यवस्था के लिए यह मामला एक अग्निपरीक्षा की तरह है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस कितनी तत्परता से इस मामले में न्याय सुनिश्चित करती है। फिलहाल, पूरा जिला इस शर्मनाक घटना की निंदा कर रहा है और पीड़िता के लिए इंसाफ की मांग कर रहा है।

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