
बक्सर/रघुनाथपुर। बिहार के बक्सर जिले में बुधवार की शाम मौसम के बदले मिजाज ने न केवल तपती गर्मी से राहत दी, बल्कि अपने साथ तबाही का मंजर भी लेकर आया। जिले में आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे गंभीर असर रेल परिवहन पर देखने को मिला है। दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर प्रकृति के तांडव ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। बुधवार की शाम स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के समीप एक अति प्राचीन और विशालकाय पेड़ तेज हवाओं के दबाव को झेल नहीं सका और उखड़कर सीधे रेल की पटरियों पर जा गिरा। इस घटना के बाद दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग की ‘अप लाइन’ पर परिचालन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे हजारों रेल यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।
मालगाड़ी के पहियों में फंसी ‘आफत’, बाल-बाल बची जान
रघुनाथपुर स्टेशन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शाम के वक्त जब आसमान काले बादलों से ढका था और तेज हवाएं चल रही थीं, तभी अचानक एक जोरदार आवाज के साथ प्लेटफॉर्म के किनारे स्थित पुराना पेड़ धराशायी हो गया। जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास वाले ट्रैक पर एक मालगाड़ी पहले से खड़ी थी। पेड़ सीधे मालगाड़ी के ऊपर और उसके निचले हिस्से में जा गिरा। स्थिति तब और पेचीदा हो गई जब विशाल पेड़ की टहनियां और तना मालगाड़ी के पहियों और ट्रैक के बीच बुरी तरह फंस गए।
गनीमत यह रही कि उस समय कोई यात्री ट्रेन वहां से नहीं गुजर रही थी और न ही प्लेटफॉर्म पर पेड़ के गिरने की जद में कोई यात्री आया। मालगाड़ी के लोको पायलट और गार्ड पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन पेड़ के फंसने से मालगाड़ी को वहां से हटाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस आकस्मिक घटना ने रेलवे के सुरक्षा दावों और मानसून से पूर्व की तैयारियों पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।
अप लाइन ठप होने से मची अफरातफरी: कई ट्रेनों के पहिए थमे
रघुनाथपुर स्टेशन पर पेड़ गिरने की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते रेल यातायात का पूरा सिस्टम चरमरा गया। बक्सर-आरा रेल खंड पर अप लाइन (बक्सर से दिल्ली की ओर जाने वाली लाइन) पर ट्रेनों की लंबी कतार लग गई है। इस मार्ग पर चलने वाली कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, कई प्रमुख गाड़ियां जो बक्सर और पटना के बीच थीं, उन्हें आउटर सिग्नल या पिछले स्टेशनों पर खड़ा कर दिया गया है। अचानक हुए इस व्यवधान से यात्री परेशान हैं। प्लेटफॉर्म पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर कर रहे लोगों को पीने के पानी और खाने की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन मास्टर और अन्य रेल कर्मी लगातार कंट्रोल रूम से संपर्क साधे हुए हैं ताकि ट्रेनों को डाइवर्ट करने या उन्हें सुरक्षित स्टेशनों पर खड़ा करने की व्यवस्था की जा सके।
RPF और तकनीकी टीम का ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’, युद्धस्तर पर बहाली
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान और स्थानीय रेल अधिकारी तुरंत हरकत में आए। सबसे पहले प्रभावित ट्रैक के आसपास की बिजली आपूर्ति (OHE लाइन) को एहतियातन काट दिया गया ताकि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य बड़े खतरे से बचा जा सके। RPF के जवानों ने प्लेटफॉर्म और ट्रैक के पास जमा भीड़ को हटाया और इलाके की घेराबंदी कर दी।
इसके कुछ ही देर बाद दानापुर से तकनीकी टीम और रेल खंड के कर्मचारी भारी मशीनरी, कटर और क्रेन लेकर मौके पर पहुँचे। चूंकि पेड़ का तना काफी मोटा है और वह मालगाड़ी के पहियों के नीचे दबा हुआ है, इसलिए उसे हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही परिचालन शुरू किया जाएगा। वर्तमान में रेल कर्मचारी इलेक्ट्रिक कटर की मदद से पेड़ की टहनियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर हटा रहे हैं।
बदलते मौसम ने बढ़ाई परेशानी, रेलवे की साख पर सवाल
बक्सर जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज काफी अस्थिर बना हुआ है। कभी भीषण लू तो कभी अचानक आने वाली आंधी और बारिश ने स्थानीय प्रशासन की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। रघुनाथपुर की यह घटना स्पष्ट करती है कि रेलवे ट्रैक के आसपास लगे पुराने और जर्जर पेड़ों की पहचान करने में रेल प्रशासन से कहीं न कहीं चूक हुई है। यदि यह पेड़ किसी तेज रफ्तार सवारी गाड़ी के ऊपर गिरता, तो परिणाम अत्यंत भयावह हो सकते थे।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी रेल अधिकारियों को इन पुराने पेड़ों के बारे में आगाह किया था, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब जब मुख्य रेल मार्ग बाधित हो गया है, तब जाकर प्रशासन की नींद खुली है। इस घटना ने न केवल मालगाड़ी के परिचालन को प्रभावित किया है, बल्कि रेलवे को राजस्व का भी भारी नुकसान पहुँचाया है।
यात्रियों की बढ़ी मुसीबत, कब बहाल होगी रेल सेवा?
रघुनाथपुर स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में खड़े यात्रियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। स्टेशन परिसर में पूछताछ काउंटर पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता ट्रैक से अवरोध हटाकर ओएचई वायर को दुरुस्त करना है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि काम इसी गति से जारी रहा तो देर रात तक अप लाइन को बहाल किया जा सकता है।
फिलहाल, डाउन लाइन (पटना की ओर जाने वाली लाइन) पर परिचालन सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन अप लाइन पर संकट बरकरार है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले हेल्पलाइन नंबरों के जरिए अपनी ट्रेन की स्थिति जान लें। बक्सर रेल क्षेत्र में पुलिस गश्ती बढ़ा दी गई है ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर कोई असामाजिक तत्व स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को परेशान न कर सके।


