पटना।केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां एनडीए के नेता बजट को विकासोन्मुख बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे जनता विरोधी करार दे रहा है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बजट पर करारा हमला बोला है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि यह बजट पुराने सामान को नए डिब्बे में नए लेबल के साथ परोसने जैसा है।
‘प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने की कोई ठोस योजना नहीं’
रोहिणी आचार्य ने सवाल उठाया कि बजट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आम आदमी की प्रति व्यक्ति आय आखिर कैसे बढ़ेगी। उन्होंने लिखा कि सरकार डिजिटल कंटेंट क्रिएशन जैसी बातों का जिक्र तो कर रही है, लेकिन यह नहीं बताया गया कि इससे वास्तव में रोजगार कैसे पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि देश में शिक्षित और गैर-शिक्षित युवाओं के लिए वास्तविक नौकरियों के सृजन को लेकर बजट में कोई ठोस रोडमैप नहीं दिखता।
‘युवाओं के रोजगार पर सिर्फ बातें, जमीन पर योजना नहीं’
रोहिणी ने अपने पोस्ट में कहा कि देश के सबसे गंभीर मुद्दे—बेरोजगारी—पर सरकार ने सिर्फ बातें की हैं, लेकिन इसे हल करने के लिए कोई व्यावहारिक योजना सामने नहीं रखी गई है। उन्होंने कहा कि बजट में यह नहीं बताया गया कि किस सेक्टर में कितनी नौकरियां पैदा होंगी।
‘बिहार के लिए फिर खाली हाथ’
रोहिणी आचार्य ने कहा कि बिहार को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से बाढ़ प्रबंधन, बाढ़ के बाद पुनर्वास, सिंचाई संसाधनों के विकास और स्थायी समाधान के लिए विशेष पैकेज की मांग को दोहराया।
उन्होंने कहा कि यह मांग कोई नई नहीं है, लेकिन इसके बावजूद बजट में इसके लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया, जो बेहद निराशाजनक है।
राजनीतिक गर्माहट तेज
बजट के बाद जहां एनडीए इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष का कहना है कि यह बजट आम आदमी की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। रोहिणी आचार्य का बयान इसी सियासी टकराव को और तेज कर रहा है।


