बजट 2026: कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बड़ा ऐलान, 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में खुलेंगी क्रिएटर लैब्स

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2026 में डिजिटल और क्रिएटिव इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बड़ी घोषणा की है। सरकार ने देश में कंटेंट क्रिएशन इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही गेमिंग सेक्टर में 10 लाख से अधिक पेशेवरों की भर्ती का लक्ष्य रखा गया है।

वित्त मंत्री ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को ‘विकसित भारत’ का सबसे बड़ा इंजन बताते हुए कहा कि आने वाले समय में डिजिटल क्रिएटर्स, एनीमेशन और गेमिंग इंडस्ट्री देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाएंगे।

युवाओं को सिखाया जाएगा कंटेंट क्रिएशन

सरकार की योजना के तहत गेमिंग और डिजिटल मीडिया सेक्टर में 10 लाख से अधिक प्रोफेशनल तैयार किए जाएंगे। इनके माध्यम से युवाओं को कंटेंट क्रिएशन, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और डिजिटल स्टोरी टेलिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल से क्रिएटर इकोनॉमी को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

क्या हैं ABGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स?

सरकार द्वारा प्रस्तावित लैब्स को ABGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स नाम दिया गया है।

  • A – एनीमेशन
  • B – विजुअल इफेक्ट्स
  • G – गेमिंग
  • C – कॉमिक्स

इन लैब्स का उद्देश्य छात्रों और युवाओं को आधुनिक डिजिटल टूल्स से जोड़ना, क्रिएटिव स्किल्स विकसित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया गया है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल नेटवर्क और स्किल डेवलपमेंट को गति मिलेगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल युवाओं को नई तकनीकें सीखने का अवसर मिलेगा, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता भी सस्ती और आसान होगी। इससे देश में कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री एक नए दौर में प्रवेश करेगी।


 

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