बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव: थानेदारों की बनेगी पूरी प्रोफाइल, मुख्यालय करेगा सीधी निगरानी, बड़े पैमाने पर तबादलों की तैयारी

बिहार में पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यभर के थानेदारों और थाना प्रभारियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) से रिपोर्ट मांगी गई है। इस प्रक्रिया की शुरुआत राजधानी पटना से की गई है।

पुलिस मुख्यालय प्रत्येक थाना प्रभारी के कार्यकाल, पोस्टिंग, प्रदर्शन, शिकायतों और प्रशासनिक रिकॉर्ड का विस्तृत मूल्यांकन कर रहा है। इसके साथ ही उन थानों की भी समीक्षा की जा रही है, जहां इंस्पेक्टर स्तर का पद स्वीकृत होने के बावजूद सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) थाना प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं।

शिकायतों के बाद शुरू हुई राज्यव्यापी समीक्षा

सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में डीजीपी जनता दरबार, समीक्षा बैठकों और सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस कार्यशैली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। कई मामलों में आम लोगों के साथ व्यवहार, मामलों के निष्पादन और थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।

इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी थानों की व्यापक समीक्षा शुरू की है। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर पुलिसिंग के लिए थाना स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

लंबे समय से जमे अधिकारियों पर भी नजर

समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया है कि कई अधिकारी वर्षों से एक ही क्षेत्र या थाने में पदस्थापित हैं। कुछ थाना प्रभारियों को लगातार महत्वपूर्ण और चर्चित थानों की जिम्मेदारी मिलती रही है।

पुलिस मुख्यालय ऐसे मामलों को भी चिन्हित कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती प्रशासनिक निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित कर सकती है।

बड़े पैमाने पर तबादलों के संकेत

पुलिस मुख्यालय को जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद थानेदारों और इंस्पेक्टरों की तैनाती की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर राज्यभर में बड़े पैमाने पर तबादलों की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा या जिनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिली हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

अब डिजिटल होगी थानों की निगरानी

बिहार पुलिस ने तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत पुलिस स्टेशन मैनेजमेंट (PSM) एप्लीकेशन शुरू किया गया है।

फिलहाल इस प्रणाली को मुंगेर और बक्सर जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। सफल होने पर इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

मुख्यालय से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग

PSM एप के माध्यम से थाना, सर्किल, एसडीपीओ, एसपी, आईजी, डीआईजी और पुलिस मुख्यालय स्तर तक अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। इस प्लेटफॉर्म पर अपराधियों का रिकॉर्ड, गश्ती व्यवस्था, मालखाना प्रबंधन, अपराध मानचित्र, ड्यूटी चार्ट और अन्य प्रशासनिक जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद थानों की कार्यशैली अधिक पारदर्शी होगी और शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी। साथ ही किसी भी स्तर पर लापरवाही या मनमानी की पहचान करना आसान हो जाएगा।

बिहार पुलिस की यह पहल राज्य में पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इसका असर थानों की कार्यप्रणाली और आम जनता को मिलने वाली पुलिस सेवाओं पर साफ दिखाई दे सकता है।

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