AI की दुनिया में बिहार का ‘मेगा धमाका’: ₹468 करोड़ का निवेश और IIT पटना में बनेगा ₹250 करोड़ का रिसर्च पार्क

द वॉयस ऑफ बिहार | नई दिल्ली/डेस्क

​राजधानी दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े एआई सम्मेलन India AI Impact Summit and Expo 2026 में बिहार ने अपनी तकनीकी ताकत का लोहा मनवाया है। समिट के दौरान बिहार सरकार ने 468 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर कर राज्य को पूर्वोत्तर भारत का नया ‘टेक्नोलॉजी हब’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।

प्रमुख घोषणाएं: रिसर्च पार्क और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

​समिट में सबसे बड़ी खबर IIT पटना से आई, जहाँ ₹250 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक रिसर्च पार्क स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही:

  • एआई CoE: ₹60 करोड़ की लागत से ‘बिहार एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना होगी।
  • साझेदारी: इसमें Tiger Analytics इंडस्ट्री पार्टनर और IIT पटना एकेडमिक पार्टनर की भूमिका निभाएंगे।
  • रोजगार का लक्ष्य: इस पहल से 10 हजार प्रत्यक्ष नौकरियां और 50 हजार युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया बिहार पवेलियन का उद्घाटन

​17 फरवरी को उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने बिहार पवेलियन का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

सम्राट चौधरी: “बिहार अब सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है, हम पूर्वोत्तर भारत का टेक्नोलॉजी हब बनने की ओर अग्रसर हैं। रिसर्च पार्क हमारे युवाओं के लिए ग्लोबल गेटवे बनेगा।”

 

निवेश की झड़ी: इन बड़ी कंपनियों के साथ हुए समझौते

​बिहार सरकार की नई GCC पॉलिसी 2026 और सेमीकंडक्टर पॉलिसी का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि कई वैश्विक कंपनियों ने निवेश की इच्छा जताई है:

  1. रेड साइबर: ₹103 करोड़ का निवेश।
  2. ग्रो QR: ₹30 करोड़ का निवेश।
  3. CIPL: ₹25 करोड़ का निवेश।

विशेषज्ञों की राय: बिहार के लिए मील का पत्थर

  • प्रत्यय अमृत (मुख्य सचिव): “यह बिहार के संरचित औद्योगिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक मोड़ है।”
  • सुश्री श्रेयसी सिंह (IT मंत्री): “हम चाहते हैं कि बिहार के युवा ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनें।”
  • प्रो. टी.एन. सिंह (निदेशक, IIT पटना): “रिसर्च पार्क उद्योग और शिक्षा जगत के बीच की दूरी को खत्म करेगा।”

समिट की भव्यता: 135 देशों की भागीदारी

​इस ग्लोबल एक्सपो में 100 से अधिक टेक कंपनियों के सीईओ, 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 50 से अधिक देशों के मंत्री शामिल हुए। बिहार पवेलियन (हॉल 5-एफ) में प्रदर्शित राज्य की नई नीतियों ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

द वॉयस ऑफ बिहार का टेक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में बिहार का यह प्रवेश आने वाले दशक में राज्य की अर्थव्यवस्था और युवाओं के करियर की दिशा बदल देगा।

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