
मानसून के साथ बिहार में डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। संभावित मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) ने विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पताल प्रशासन ने डेंगू मरीजों के लिए 20 बेड का अलग वार्ड तैयार किया है, जहां 24 घंटे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की निगरानी में इलाज किया जाएगा।
PMCH के राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक (RSB) में बनाए गए इस विशेष वार्ड में प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है, ताकि मरीजों को दोबारा संक्रमण का खतरा न रहे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए हर साल पहले से तैयारी की जाती है।
PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू वार्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों और मेडिकल अटेंडेंट की 24 घंटे तैनाती रहेगी। मरीजों की लगातार निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
आधुनिक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध
इलाज के साथ-साथ जांच व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। अस्पताल की नई रेडियोलॉजी बिल्डिंग में आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों की जांच कम समय में हो सकेगी और गंभीर मामलों की जल्द पहचान कर इलाज शुरू किया जा सकेगा।
पूरे बिहार में अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने भी राज्यभर में डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। सभी जिलों को फॉगिंग, मच्छर नियंत्रण, सर्विलांस, जांच और उपचार की व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के अनुसार राज्य में फिलहाल 318 फॉगिंग मशीनें सक्रिय हैं।
इसके अलावा सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में NS1 ELISA और IgM ELISA जांच किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई हैं। संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नियमित निगरानी भी की जा रही है।
‘एंटी-डेंगू माह’ के तहत जागरूकता अभियान
जुलाई को स्वास्थ्य विभाग ने ‘एंटी-डेंगू माह’ घोषित किया है। लोगों को घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और बुखार आने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिए सख्त निर्देश
हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी जिलों में फॉगिंग, जांच, दवाओं, बेड और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी भी दी गई है।
डेंगू से बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- मच्छरदानी और मच्छररोधी उपायों का इस्तेमाल करें।
- तेज बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।
बरसात के मौसम में सतर्कता ही डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी से होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।


