पटना के राज्य स्तरीय रोजगार मेले में उमड़ी युवाओं की भीड़, दूसरे दिन 3659 अभ्यर्थियों को मिला नौकरी का अवसर

पटना, 26 मई 2026। बिहार में स्वास्थ्य और कौशल आधारित रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित “तीन दिवसीय राज्य स्तरीय स्वास्थ्य एवं सम्बद्ध क्षेत्र रोजगार मेला 2026” युवाओं के लिए उम्मीदों का बड़ा मंच बनकर उभर रहा है। राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आयोजित इस मेले के दूसरे दिन हजारों युवाओं की भारी भागीदारी देखने को मिली। रोजगार मेले में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा कुल 3659 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जिससे युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़ा है।

के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष रोजगार मेले का संचालन बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। मेले का उद्देश्य राज्य के युवाओं को स्वास्थ्य एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें देश-विदेश की कंपनियों से जोड़ना है।

दूसरे दिन चयनित कुल 3659 उम्मीदवारों में 3050 पुरुष और 609 महिलाएं शामिल रहीं। खास बात यह रही कि इनमें से 747 पुरुष उम्मीदवारों का चयन विदेशों में रोजगार के लिए किया गया। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि बिहार के प्रशिक्षित युवा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।

रोजगार मेले में भाग लेने पहुंचे युवाओं ने बताया कि उन्हें पहली बार एक ही मंच पर इतने बड़े स्तर की कंपनियों और अस्पतालों से जुड़ने का अवसर मिला है। कई प्रतिभागियों ने इसे अपने करियर के लिए “टर्निंग प्वाइंट” बताया। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए यह मेला रोजगार के साथ-साथ बेहतर भविष्य की दिशा में एक बड़ा अवसर बनकर सामने आया।

ज्ञान भवन परिसर में सुबह से ही युवाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बिहार के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने QR कोड आधारित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के माध्यम से मेले में हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, ग्रामीण और दूरदराज इलाकों से भी बड़ी संख्या में युवा रोजगार की उम्मीद लेकर पटना पहुंचे हैं।

रोजगार मेले में शामिल कई युवाओं ने कहा कि राज्य में इस प्रकार के आयोजनों से रोजगार को लेकर नई उम्मीद जगी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशिक्षित युवाओं के लिए अवसर भी बढ़ रहे हैं। युवाओं का कहना था कि अब उन्हें रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में भटकने की बजाय अपने राज्य में ही बेहतर अवसर मिलने लगे हैं।

इस रोजगार मेले में देश के कई प्रतिष्ठित अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान भाग ले रहे हैं। इनमें , , , , और जैसे संस्थानों ने भागीदारी की। इन संस्थानों द्वारा नर्सिंग, पैरामेडिकल, लैब टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर सपोर्ट और अन्य तकनीकी पदों के लिए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया गया।

इसके अलावा विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी इस मेले का हिस्सा बनीं। इनमें , , , , और जैसी एजेंसियां शामिल रहीं। इन कंपनियों ने खाड़ी देशों और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रोजगार के अवसरों को लेकर युवाओं को जानकारी दी।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र आने वाले वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल रहेगा। ऐसे में बिहार सरकार का यह प्रयास राज्य के युवाओं को समय के अनुसार प्रशिक्षित और रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आयोजकों ने बताया कि रोजगार मेले में सिर्फ नौकरी ही नहीं, बल्कि युवाओं को करियर काउंसलिंग, स्किल गाइडेंस और इंटरव्यू से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है। कई कंपनियों ने मौके पर ही दस्तावेज सत्यापन और प्रारंभिक चयन प्रक्रिया पूरी की।

महिला प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी भी इस मेले की खास उपलब्धि रही। 609 महिलाओं को नौकरी का अवसर मिलना यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। कई महिला उम्मीदवारों ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर प्रदान करते हैं।

मेले में पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि बिहार कौशल विकास मिशन लगातार युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित करने पर काम कर रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

ज्ञान भवन में चल रहा यह रोजगार मेला 27 मई 2026 तक जारी रहेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।

रोजगार मेले में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं के मन में विश्वास पैदा करते हैं कि मेहनत और कौशल के दम पर बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के रोजगार मेले नियमित रूप से आयोजित किए जाएं तो राज्य में बेरोजगारी कम करने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने में बड़ी मदद मिल सकती है।

फिलहाल पटना का यह राज्य स्तरीय रोजगार मेला बिहार के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलता दिखाई दे रहा है और स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार की नई संभावनाओं को मजबूत कर रहा है।

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