
बगहा: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में इन दिनों एक खास आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर की पूर्व सभापति जरीना खातून के आवास पर मौजूद जापान की दुर्लभ और महंगी प्रजाति मियाजाकी आम को देखने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इसकी कीमत और खासियत सुनकर हर कोई हैरान है।
2.5 से 3 लाख रुपये किलो तक कीमत!
पूर्व सभापति के प्रतिनिधि एवं अधिवक्ता फिरोज आलम ने बताया कि मियाजाकी आम जापान की सबसे महंगी आम प्रजातियों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 2.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है। कुछ देशों में इसकी कीमत 3.5 लाख रुपये प्रति किलो तक भी पहुंच जाती है।
आम देखने के लिए लग रही भीड़
जैसे ही लोगों को बगहा में इस दुर्लभ आम की जानकारी मिली, इसे देखने वालों का तांता लग गया। स्थानीय लोग पहली बार इस विदेशी आम को नजदीक से देखकर उत्साहित हैं। कई लोग इसके साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और इसकी खेती तथा कीमत के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
क्या है मियाजाकी आम की खासियत?
मियाजाकी आम को दुनिया के सबसे प्रीमियम आमों में गिना जाता है। इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं:
- गहरा लाल-बैंगनी रंग
- बेहद मीठा स्वाद
- सामान्य आमों की तुलना में अधिक शर्करा
- आकर्षक आकार और चमक
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये प्रति किलो कीमत
इसकी खूबसूरती के कारण इसे “Eggs of the Sun” भी कहा जाता है।
जापान से भारत तक पहुंचा मियाजाकी
यह आम मूल रूप से जापान के मियाजाकी प्रांत में उगाया जाता है, जहां विशेष तकनीक और नियंत्रित वातावरण में इसकी खेती की जाती है। हालांकि अब भारत के कई राज्यों में भी इसकी खेती के प्रयोग सफल होने लगे हैं।
खेती के लिए चाहिए खास माहौल
विशेषज्ञों के अनुसार मियाजाकी आम की खेती के लिए:
- तापमान 24°C से 35°C
- भरपूर धूप
- अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी
- pH स्तर 5.5 से 7.5
- जलभराव से पूरी तरह बचाव
जैसी परिस्थितियां जरूरी होती हैं।
3-4 साल में देता है फल
मियाजाकी आम का ग्राफ्टेड (कलमी) पौधा आमतौर पर 3 से 4 वर्षों में फल देना शुरू कर देता है। सही देखभाल और अनुकूल मौसम मिलने पर इसकी गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों काफी अधिक रहते हैं।
बगहा में इस दुर्लभ जापानी आम की मौजूदगी ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है और यह इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।


