
पटना, 18 मई 2026। बिहार सरकार के प्रशासनिक विन्यास और शीर्ष स्तर की नौकरशाही में रणनीतिक बदलाव की कड़ियों के अंतर्गत एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभागीय कार्यभार का हस्तांतरण संपन्न हुआ है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1996 बैच के वरिष्ठ और नीतिगत मामलों के जानकार अधिकारी के. सेंथिल कुमार ने आज सचिवालय स्थित अपने निर्धारित कार्यालय कक्ष में पहुंचकर आधिकारिक रूप से पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) का पदभार विधिवत रूप से ग्रहण कर लिया है। राज्य सरकार द्वारा सामाजिक न्याय और विकास की मुख्यधारा से वंचित वर्गों के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं को और अधिक गति प्रदान करने के उद्देश्य से इस शीर्ष सांगठनिक प्रक्रम को धरातल पर उतारा गया है। नए अपर मुख्य सचिव के आगमन को लेकर विभाग के मुख्य प्रभागों, निदेशालय और तकनीकी विंग के अधिकारियों के बीच सुबह से ही प्रशासनिक मुस्तैदी और गहन विभागीय सरगर्मी देखी जा रही थी।
निवर्तमान अपर मुख्य सचिव एच. आर. श्रीनिवास ने सौंपा विधिक कार्यभार
पदभार ग्रहण करने की इस पूरी शासकीय विधा के दौरान प्रशासनिक गरिमा और विभागीय समन्वय का एक बेहतरीन विलेख देखने को मिला। विभाग के निवर्तमान अपर मुख्य सचिव एच. आर. श्रीनिवास ने स्वयं कार्यालय कक्ष में उपस्थित रहकर नए अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार का अत्यंत गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। उन्होंने औपचारिक विलेखों और संचिकाओं का सांगठनिक आदान-प्रदान करते हुए नए सचिव को विभाग की सर्वोच्च प्रशासनिक कमान सप्रेम सुपुर्द की। इस औपचारिक हस्तांतरण के तुरंत बाद निवर्तमान अपर मुख्य सचिव एच. आर. श्रीनिवास ने पुष्पगुच्छ भेंट कर नए अपर मुख्य सचिव का विभाग में आत्मीय स्वागत किया और उनके भावी कार्यकाल की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कार्यभार संभालने की इस विधिक प्रक्रिया के संपन्न होने के उपरांत, निवर्तमान अपर मुख्य सचिव एच. आर. श्रीनिवास ने एक कुशल मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए नए अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार का परिचय विभाग के सभी प्रभागों से आए वरिष्ठ अधिकारियों, तकनीकी निदेशकों और स्थापना विंग के प्रभारियों से कराया। इस परिचयात्मक विमर्श के दौरान विभाग के भीतर काम करने वाले सभी विभावों के सांगठनिक ढांचे और उनके उत्तरदायित्वों को लेकर एक प्रारंभिक विलेख तैयार किया गया, जिससे नए नेतृत्व को कार्यप्रणाली को समझने में सुगमता मिल सके।
जनकल्याणकारी योजनाओं और वर्तमान कार्यवृत्त की दी गई विस्तृत विवरणी
परिचय सत्र के ठीक बाद कार्यालय कक्ष के भीतर एक उच्चस्तरीय और गंभीर प्रशासनिक समीक्षा बैठक का विन्यास तैयार हुआ। निवर्तमान अपर मुख्य सचिव एच. आर. श्रीनिवास ने नए अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार को पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संपूर्ण बिहार राज्य में संचालित की जा रही विभिन्न महत्वाकांक्षी और दूरगामी जनकल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान प्रगति से विस्तार से अवगत कराया। बैठक के दौरान राज्य के भीतर अत्यंत पिछड़े और पिछड़े वर्गों के आर्थिक व शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बजट आवंटन, भौतिक लक्ष्यों की प्राप्ति और धरातल पर आ रही व्यावहारिक विसंगतियों को लेकर एक व्यापक विलेख प्रस्तुत किया गया।
विशेष रूप से, छात्र-छात्राओं के लिए संचालित की जा रही पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं, विभिन्न जिलों में निर्मित हो रहे जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों के निर्माण की भौतिक स्थिति, अत्यंत पिछड़े वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न तकनीकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के वर्तमान कार्यवृत्त की गहन समीक्षा की गई। निवर्तमान सचिव ने वर्तमान में चल रहे कुछ अत्यंत संवेदनशील और समयबद्ध विधिक कार्यों तथा न्यायालयों में लंबित विभागीय अपीलों की कड़ियों के संबंध में भी नए अपर मुख्य सचिव को पूरी कड़ाई के साथ ब्रीफ किया ताकि प्रशासनिक निरंतरता में किसी भी प्रकार का व्यावहारिक अवरोध या तकनीकी विलंब उत्पन्न न होने पाए।
शीर्ष विधायी और प्रशासनिक कप्तानों की उपस्थिति में संपन्न हुआ प्रक्रम
पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के इस अत्यंत महत्वपूर्ण और नीतिगत पदभार ग्रहण समारोह के ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए विभाग के सभी प्रभागों के शीर्ष अधिकारी मुख्य कक्ष में पूरी कड़ाई और कार्य-अनुशासन के साथ उपस्थित रहे। इस गरिमापूर्ण अवसर पर विभाग के संयुक्त सचिव, उप सचिव, विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD) और विभिन्न कल्याण योजनाओं के मुख्य वित्तीय सलाहकारों सहित अन्य सभी वरीय और कनीय प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी दर्ज की गई।
उपस्थित सभी अधिकारियों ने सामूहिक रूप से नए अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार का स्वागत किया और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि विभाग के लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर प्राप्त करने के लिए संपूर्ण सांगठनिक अमला पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और कड़े परिश्रम के साथ अपनी विधिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा। नए अपर मुख्य सचिव ने भी सभी अधिकारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए स्पष्ट किया कि उनका मुख्य ध्येय सरकार की कल्याणकारी नीतियों का शत-प्रतिशत लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे जरूरतमंद व्यक्ति तक पूरी सुगमता और बिना किसी भ्रष्टाचार के पहुंचाना है।
अनुभवों का विलेख और भावी नीतिगत प्राथमिकताओं का खाका
1996 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के. सेंथिल कुमार को बिहार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों और प्रमंडलों में काम करने का एक अत्यंत लंबा, समृद्ध और पारदर्शी प्रशासनिक अनुभव प्राप्त है। उनके इसी लंबे अनुभव और कड़क कार्यशैली को देखते हुए सरकार ने उन्हें इस अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग की कमान सौंपी है, जिसका सीधा सरोकार राज्य की एक बहुत बड़ी आबादी के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ है।
पदभार ग्रहण करने के बाद विभाग के वरिष्ठ रणनीतिकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में नए अपर मुख्य सचिव ने अपनी भावी प्राथमिकताओं का एक स्पष्ट खाका खींचा। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में विभाग की सभी डिजिटल प्रणालियों, विशेष रूप से छात्रवृत्ति वितरण के पोर्टल्स और लाभार्थी डेटाबेस का एक व्यापक तकनीकी ऑडिट कराया जाएगा ताकि प्रणालियों को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तीव्र बनाया जा सके। इसके साथ ही, सुदूर ग्रामीण अंचलों में पिछड़े वर्ग के कल्याणार्थ निर्मित हो रहे ढांचागत इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता की भौतिक जांच के लिए भी विशेष सर्विलांस टीमों को सक्रिय करने की विधा अपनाई जाएगी। विभाग में समयबद्धता, वित्तीय अनुशासन और फाइलों के त्वरित निष्पादन की संस्कृति को पूरी कड़ाई से लागू करने के लिए वे बहुत जल्द ही सभी प्रमंडलीय कल्याण पदाधिकारियों (DDW) और जिला कल्याण पदाधिकारियों (DWO) के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं, जिससे पूरे महकमे में एक नई प्रशासनिक ऊर्जा और गतिशीलता बहाल होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।


