खगड़िया में एनएच-31 पर 110 की रफ्तार से आ रहे ट्रक ने ऑटो के उड़ाए परखच्चे, दो महीने के मासूम समेत 7 की मौत, कई घायल

खगड़िया, 18 मई 2026। बिहार के खगड़िया जिले से सोमवार की दोपहर एक अत्यंत हृदयविदारक और भीषण सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है, जिसने संपूर्ण प्रशासनिक अमले और आम नागरिकों को झकझोर कर रख दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 31 (एनएच-31) पर मानसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ठठा गांव के समीप एक अनियंत्रित और अत्यधिक तेज रफ्तार ट्रक ने एक यात्री ऑटो को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण और वीभत्स टक्कर के कारण ऑटो में सवार सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहे हैं। यह दुर्घटना दोपहर करीब दो बजे की बताई जा रही है, जब एनएच-31 पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से संचालित हो रही थी। टक्कर इतनी भयानक थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग के एक बड़े हिस्से पर क्षत-विक्षत शव और खून बिखर गया, जिससे प्रक्षेत्र में चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।

110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और क्रैश की खौफनाक श्रृंखला

​प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद स्थानीय विलेखों के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण ट्रक की अत्यधिक और जानलेवा गति थी। बताया जा रहा है कि घातक ट्रक करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एनएच-31 पर दौड़ रहा था। ठठा गांव के समीप मोड़ पर चालक ने वाहन से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो दिया और सामने से आ रहे ऑटो को सीधे उड़ा दिया।

​ऑटो को कुचलने के तुरंत बाद भी ट्रक की गति थमी नहीं। भागने के प्रयास में ट्रक ने थोड़ी दूरी पर खड़ी एक टाटा सफारी गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी, जिससे उसका पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद भी ट्रक अनियंत्रित होकर आगे बढ़ता रहा और अंततः एक मालवाहक पिकअप वैन में जा घुसा। पिकअप वैन के साथ हुए इस अंतिम टकराव के कारण ट्रक का अगला हिस्सा उसमें पूरी तरह फंस गया, जिसके चलते ट्रक चालक गाड़ी को लेकर आगे भागने में विधिक रूप से असमर्थ हो गया। अगर वह पिकअप वैन बीच में नहीं आती, तो चालक भीषण जनहानि को अंजाम देकर वाहन सहित फरार होने में सफल हो जाता।

झाड़ियों और मलबे में बिखरीं लाशें, दो महीने के नवजात की भी थमी सांसें

​इस प्रलयंकारी टक्कर के कारण यात्री ऑटो के परखच्चे पूरी तरह उड़ गए और उसका अगला हिस्सा लोहे के मलबे में तब्दील हो गया। मरे हुए लोगों की कड़ियों में एक दो महीने का नवजात शिशु, एक महिला, एक नाबालिग लड़का और चार पुरुष शामिल हैं। हादसे की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर लगते ही ऑटो के भीतर बैठे यात्री हवा में दस से बीस फीट ऊपर उछल गए और सीधे पक्की सड़क व झाड़ियों में जा गिरे।

​प्रत्यक्षदर्शी विक्रम कुमार ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने अपनी आंखों के सामने तीन लोगों की लाशें बिल्कुल कुचली हुई अवस्था में देखीं, जिनमें एक महिला और दो महीने का मासूम बच्चा भी शामिल था। इन तीनों के शरीर के अंगों को ट्रक के पहियों ने बुरी तरह रौंद दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इसके अतिरिक्त, दो शव ऑटो के भीतर लोहे की चद्दरों के बीच फंसे हुए थे, जबकि दो अन्य लोगों की लाशें सड़क किनारे बनी गहरी झाड़ियों में क्षत-विक्षत हालत में पड़ी मिलीं।

ग्रामीणों द्वारा त्वरित रेस्क्यू और सदर अस्पताल में जीवन की जंग

​टक्कर की गूंज इतनी भीषण थी कि आवाज सुनते ही ठठा गांव के सैकड़ों ग्रामीण और राहगीर बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने अत्यंत सूझबूझ का परिचय देते हुए क्षतिग्रस्त ऑटो के भीतर फंसे गंभीर रूप से घायल लोगों को लोहे के सरियों को काटकर बाहर निकालने की प्रविधि शुरू की। एक घायल यात्री के पैर में ऑटो का तीखा सरिया आर-पार हो गया था, जिसे ग्रामीणों ने कड़े बल प्रयोग के साथ सुरक्षित निकाला।

​इस दौरान मानसी थाने की गश्ती पुलिस टीम भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। स्थानीय नागरिकों और पुलिस ने संयुक्त रूप से एम्बुलेंसों का विन्यास किया और गंभीर रूप से तड़प रहे चार घायलों को तुरंत इलाज के लिए खगड़िया सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया। सदर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, घायलों के सिर और छाती में गंभीर आंतरिक चोटें आई हैं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी शारीरिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टरों की विशेष टीम उनके जीवन की रक्षा के लिए गहन चिकित्सीय अनुसंधान में जुटी है, परंतु आशंका जताई जा रही है कि आगामी घंटों में मृतकों की यह संख्या और बढ़ सकती है।

एनएच-31 पर स्पीड लिमिट तय करने की मांग, जिला प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा

​इस वीभत्स सड़क दुर्घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और एनएच-31 से जुड़े व्यापारिक संगठनों के भीतर जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश और रोष देखा जा रहा है। घटना स्थल पर एकत्रित उग्र भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित यातायात प्रणालियों को संधारित करने में बरती जा रही प्रशासनिक ढिलाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

​ग्रामीणों का आरोप है कि एनएच-31 का यह प्रक्षेत्र ब्लैक स्पॉट के रूप में तब्दील हो चुका है, जहां भारी मालवाहक ट्रक और गिट्टी लदे हाइवा वाहन अक्सर तय गति सीमा का उल्लंघन करते हुए 100 से अधिक की रफ्तार में बेखौफ दौड़ते हैं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से यह पुरजोर मांग की है कि ठठा गांव और मानसी के रिहायशी मुहानों पर गाड़ियों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर, आधुनिक रडार कैमरे और कड़े सर्विलांस काउंटरों का विन्यास किया जाए ताकि भविष्य में किसी मासूम और गरीब परिवार को अपनी जान न गंवानी पड़े।

मानसी पुलिस की विधिक कार्रवाई और फरार चालक की तलाश में दबिश

​मानसी थाना प्रभारी और पुलिस बल के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद एनएच-31 पर लगे लंबे जाम को हटवाया और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बहाल कराया। पुलिस ने सभी सात शवों को अपने विधिक नियंत्रण में लेते हुए पंचनामा की प्रविष्टि तैयार की और उन्हें आधिकारिक अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए खगड़िया सदर अस्पताल के फॉरेंसिक विंग में सुरक्षित भिजवा दिया है।

​दुर्घटना के लिए जिम्मेदार घातक ट्रक और आंशिक रूप से डैमेज हुई पिकअप व टाटा सफारी गाड़ी को पुलिस ने जब्त कर लिया है। हालांकि टाटा सफारी और पिकअप में बैठे लोग गनीमत रही कि सुरक्षित बच गए और उनके ड्राइवरों को केवल मामूली चोटें आईं। मानसी पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के बाद ट्रक का चालक और खलासी वाहन को मौके पर ही छोड़कर भागने में सफल रहे, जिनकी विधिक पहचान स्थापित करने के लिए ट्रक के निबंधन विलेखों और चेसिस नंबर की जांच की जा रही है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत नियमित प्राथमिकी दर्ज कर फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।

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