बेगूसराय सड़क हादसे में 3 थानाध्यक्ष समेत 4 की मौत, प्रशिक्षण से लौटते वक्त उजड़ गए कई परिवार

बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पुलिस महकमे सहित कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। पटना से प्रशिक्षण लेकर लौट रहे मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्ष और एक निजी चालक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है।

प्रशिक्षण से लौट रहे थे पुलिस अधिकारी

जानकारी के अनुसार, राज्य पुलिस मुख्यालय पटना में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के विशेषज्ञों द्वारा सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network System) से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

इस प्रशिक्षण में मधेपुरा जिले के अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार शामिल हुए थे।

खड़े ट्रक से टकराई कार

दो दिवसीय प्रशिक्षण पूरा होने के बाद गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे तीनों अधिकारी एक कार से मधेपुरा के लिए रवाना हुए। कार को निजी चालक ज्योतिष कुमार चला रहे थे।

बताया जा रहा है कि देर रात करीब एक बजे बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े एक ट्रक से उनकी कार की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र की गई जान

हादसे में जान गंवाने वाले अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र कटिहार जिले के मनिहारी थाना क्षेत्र के आजमनगर के निवासी थे। वर्ष 2009 बैच के दारोगा ज्ञानेंद्र अमरेंद्र सितंबर 2025 से अरार थाना में पदस्थापित थे।

सहकर्मियों के अनुसार वे अपने शांत स्वभाव, अनुशासन और बेहतर कार्यशैली के लिए जाने जाते थे।

रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान की शादी की थी तैयारी

रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान कैमूर जिले के भभुआ के रहने वाले थे। वर्ष 2018 बैच के दारोगा साजन कुमार अभी अविवाहित थे और परिवार उनके विवाह की तैयारियों में जुटा हुआ था।

अगस्त 2025 से वे रतवारा थाना की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

एक साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया

हादसे में जान गंवाने वाले तीसरे अधिकारी नीरज कुमार को महज एक सप्ताह पहले ही बेलारी थाना का थानाध्यक्ष बनाया गया था।

वर्ष 2018 बैच के दारोगा नीरज कुमार मूल रूप से गया जिले के निवासी थे, जबकि उनका परिवार डेहरी-ऑन-सोन में रहता है। उनके पिता रेलवे में कार्यरत हैं।

नीरज कुमार विवाहित थे और उनका एक साल का बेटा है। परिवार उनके उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रहा था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

चालक ज्योतिष कुमार की भी गई जान

कार चला रहे निजी चालक ज्योतिष कुमार भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। बताया जा रहा है कि वे उदाकिशुनगंज थाना के निजी चालक मनोज पासवान के पुत्र थे और अधिकारियों के साथ पटना गए थे।

परिवारों में मचा कोहराम

चारों की मौत की खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुंची, घरों में चीख-पुकार मच गई। किसी परिवार ने अपना बेटा खो दिया, किसी बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया और किसी बुजुर्ग मां-बाप का सहारा हमेशा के लिए छिन गया।

इस दर्दनाक हादसे ने न केवल पुलिस विभाग को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे बिहार को भी गहरे शोक में डुबो दिया है।

पुलिस विभाग में शोक की लहर

तीनों थानाध्यक्षों की असामयिक मौत से मधेपुरा जिला पुलिस सहित पूरे बिहार पुलिस महकमे में शोक का माहौल है। सहकर्मी और अधिकारी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं तथा उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

एक सड़क हादसे ने कुछ ही सेकंड में चार जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों के सपनों को हमेशा के लिए अधूरा छोड़ दिया।

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