
बिहार ने ग्रामीण सड़क निर्माण के क्षेत्र में देशभर में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana के तहत ग्रामीण बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ने में बिहार को पूरे देश में पहला स्थान मिला है।
यह उपलब्धि ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में राज्य की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
राष्ट्रीय समारोह में मिला सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 10 मई को Sehore जिले के भेरूंदा में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग को सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
इस समारोह में विभिन्न राज्यों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई, जिसमें बिहार ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
31 हजार से ज्यादा गांवों को मिली सड़क सुविधा
बिहार ने पीएमजीएसवाई के तहत अब तक 31,287 ग्रामीण बसावटों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ दिया है। यह संख्या देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक बताई जा रही है।
राज्य सरकार के अनुसार गांवों तक सड़क पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में सीधा फायदा हुआ है। ग्रामीण इलाकों में आवागमन आसान होने से लोगों की जीवनशैली में भी बड़ा बदलाव आया है।
मध्य प्रदेश और ओडिशा रहे पीछे
राष्ट्रीय रैंकिंग में Madhya Pradesh 17,493 ग्रामीण बसावटों को सड़क से जोड़कर दूसरे स्थान पर रहा, जबकि Odisha 16,990 बसावटों के साथ तीसरे नंबर पर रहा।
बिहार ने दोनों राज्यों से काफी आगे निकलकर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई।
दूर-दराज गांवों तक पहुंचीं सड़कें
ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य सरकार ने दूरस्थ गांवों और टोलों तक सड़क पहुंचाने को प्राथमिकता दी।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर मौसम में सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना था, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचने में परेशानी न हो।
रखरखाव में भी बिहार का शानदार प्रदर्शन
सिर्फ सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि उनके रखरखाव और अनुरक्षण के मामले में भी बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों के अनुरक्षण एवं रखरखाव की श्रेणी में बिहार ने बड़े राज्यों के बीच पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल किया है।
यह उपलब्धि राज्य की ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


