
पटना। राजधानी पटना में शिक्षकों की पोस्टिंग और पुरुष शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों का जवाब अब मिल गया है। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने शनिवार को “शिक्षा की बात हर शनिवार” कार्यक्रम के एपिसोड-15 में इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की।
पटना में भारी दबाव, 15,000 शिक्षकों ने मांगी पोस्टिंग
कार्यक्रम के दौरान एस. सिद्धार्थ ने बताया कि अब तक 1 लाख 30 हजार शिक्षकों का ट्रांसफर किया जा चुका है। सबसे ज्यादा दबाव पटना जिले को लेकर है। उन्होंने कहा, “करीब 15,000 शिक्षकों ने पटना में पोस्टिंग का विकल्प दिया है। इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों को एक ही जिले में तैनात कर देना संभव नहीं है, इससे छात्र-शिक्षक अनुपात पूरी तरह से बिगड़ जाएगा।”
स्थानांतरण में छात्र-शिक्षक अनुपात और वैकेंसी को दी जा रही प्राथमिकता
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानांतरण की प्रक्रिया में विभाग शिक्षक-छात्र अनुपात और स्कूलों में उपलब्ध रिक्तियों को ध्यान में रख रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग ने कभी यह नहीं कहा कि पुरुष शिक्षकों का स्थानांतरण नहीं होगा। बल्कि, जैसे-जैसे रिक्तियां निकलेंगी, स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ती जाएगी।
“अगर किसी स्कूल में छह शिक्षक हैं और चार का ट्रांसफर कर दिया जाए, तो दो शिक्षक कैसे पढ़ाएंगे? हमें छात्रों के हितों को भी ध्यान में रखना है,” उन्होंने कहा।
7-8 हजार पुरुष शिक्षकों का हो चुका है ट्रांसफर
कार्यक्रम में उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब तक लगभग 7 से 8 हजार पुरुष शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है। बाकी शिक्षकों का भी जल्द ही स्थानांतरण किया जाएगा, लेकिन यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से और रिक्तियों की उपलब्धता के आधार पर होगी।
क्या आप भी पटना में पोस्टिंग चाहते हैं? तो रखें इन बातों का ध्यान:
- रिक्त पदों की उपलब्धता और स्कूलों की ज़रूरत प्राथमिकता में है
- एकसाथ बड़ी संख्या में ट्रांसफर से शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है
- विभाग छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित रखने के लिए चरणबद्ध ढंग से कर रहा है स्थानांतरण


