
पटना | 2 जून 2025
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता को बड़ा झटका लगा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने INDIA गठबंधन से खुद को अलग करते हुए ऐलान किया है कि वह बिहार में अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का फैसला लिया है।
INDIA गठबंधन से अलग हुई AAP
आप के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक अनुराग ढांडा ने प्रेस बयान में स्पष्ट किया कि पार्टी अब किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा:
“हम अपनी ताकत के बल पर आगे बढ़ेंगे। बिहार में आम आदमी पार्टी अपनी योजना और संगठनात्मक शक्ति के आधार पर चुनाव लड़ेगी।”
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
बिहार के लिए AAP की नई रणनीति
आप पार्टी ने बिहार के लिए एक नई चुनावी योजना तैयार की है। पार्टी संगठन को गाँव-गाँव तक फैलाने और जमीनी स्तर पर मजबूती देने की प्रक्रिया चल रही है। पार्टी का फोकस युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर है।
AAP की राष्ट्रीय रणनीति: दो कैटेगरी में राज्यों का बंटवारा
सूत्रों के मुताबिक, AAP ने देश भर में चुनावी तैयारियों के लिए राज्यों को दो श्रेणियों में बांटा है:
कैटेगरी-A राज्य:
जहाँ आम आदमी पार्टी का बड़ा मुकाबला है और खुद अरविंद केजरीवाल सक्रिय भूमिका में होंगे:
- दिल्ली
- पंजाब
- गुजरात
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- असम
- गोवा
कैटेगरी-B राज्य:
जहाँ प्रदेश नेतृत्व चुनावी रणनीति तय करेगा, जैसे कि:
- बिहार
- झारखंड
- ओडिशा
- छत्तीसगढ़
- राजस्थान आदि
बिहार को फिलहाल कैटेगरी-B में रखा गया है, लेकिन पार्टी इसे जल्दी ही कैटेगरी-A में लाने की कोशिश में जुटी है।
क्या होगा असर?
AAP के इस फैसले से INDIA गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। विपक्षी एकता पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, AAP के अकेले चुनाव लड़ने से बिहार में तिकोना मुकाबला और अधिक तीखा हो सकता है।


