पूर्व जिला जज की बहू ट्विशा खुदकुशी मामला: भोपाल कोर्ट ने पति की अग्रिम जमानत याचिका की खारिज, फरार वकील पर 10 हजार का इनाम

भोपाल, 19 मई 2026। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व जिला जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला पूरी तरह गर्मा गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में विधिक प्रणालियों को कड़ा करते हुए भोपाल कोर्ट ने सोमवार को मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता और मृतका के मोबाइल से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी मिलान करने के बाद यह नीतिगत निर्णय सुनाया।

​न्यायालय ने सुनवाई के दौरान मृतका के आखिरी व्हाट्सऐप चैट का विधिक संदर्भ देते हुए माना कि प्राथमिक साक्ष्यों से यह स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है कि ट्विशा को उसके पति और ससुराल वालों द्वारा मानसिक व शारीरिक रूप से अत्यधिक प्रताड़ित किया जा रहा था। इधर, अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के तुरंत बाद भोपाल जिला पुलिस प्रशासन ने कड़ा एक्शन लेते हुए फरार चल रहे आरोपी पति समर्थ सिंह (जो पेशे से वकील है) की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये के विधिक इनाम की घोषणा कर दी है।

अदालत में व्हाट्सऐप चैट बना मुख्य आधार, जांच जारी रखने के विनिर्देश

​मामले की विधिक सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के पटल पर मृतका के मोबाइल से संकलित किए गए व्हाट्सऐप संदेशों और वॉयस लॉग्स को मुख्य साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इन डिजिटल विन्यासों का गहन अवलोकन करने के बाद रेखांकित किया कि मृतका ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने से पूर्व अपने मायके वालों और सगे-संबंधियों को अपनी आंतरिक पीड़ा और ससुराल में मिल रही प्रताड़ना की विस्तृत जानकारी डिजिटल माध्यमों से प्रेषित की थी।

​न्यायाधीश ने आरोपी पक्ष के तर्कों को ब्लॉक करते हुए स्पष्ट किया कि जीवन की सुरक्षा और गरिमा के खिलाफ होने वाले ऐसे गंभीर अपराधों में अग्रिम राहत हस्तगत नहीं कराई जा सकती। कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी किया है कि मामले के बैकवर्ड लिंकेज और अन्य सह-आरोपियों की भूमिका को लेकर विस्तृत और पारदर्शी वैज्ञानिक जांच निरंतर जारी रखी जाए, ताकि पीड़ित परिवार को ससमय विधिक न्याय सुनिश्चित कराया जा सके।

“मैं फंस गई हूं, तुम मत फंसना” – आखिरी डिजिटल संदेशों में बयां हुई घुटन

​ट्विशा शर्मा के मोबाइल हैंडसेट से बरामद हुए आखिरी संदेशों ने वैवाहिक जीवन के भीतर संधारित हो रहे मानसिक अवसाद और क्रूरता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। खुदकुशी करने से कुछ समय पूर्व ट्विशा ने अपनी मां, पिता और अपनी एक घनिष्ठ सहेली के साथ की गई चैट्स में अपनी गहरी घुटन को बयां किया था।

ट्विशा शर्मा द्वारा परिजनों को भेजे गए आखिरी संदेशों की कड़ियां:

  • माता-पिता को भेजा गया संदेश: “मुझे इस घर में बहुत ज्यादा घुटन महसूस हो रही है मां। ये लोग न तो मुझे चैन से रोने देंगे और न ही कभी जिंदगी में हंसने की कोई वजह देंगे।”
  • सहेली के साथ साझा की गई चैट: “मैं एक ऐसे चक्रव्यूह में फंस गई हूं जहां से निकलने का कोई रास्ता नहीं है, लेकिन तुम मेरी इस अवस्थिति को देखकर संभल जाना… तुम कभी मत फंसना।”

 

दहेज मांग, शारीरिक प्रताड़ना और चरित्र पर लांछन लगाने के गंभीर आरोप

​इस दुखद घटनाक्रम के पटल पर आने के बाद मृतका ट्विशा शर्मा के शोकाकुल परिजनों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ प्रताड़ना का एक बड़ा और सुदृढ़ विधिक मोर्चा खोल दिया है। पुलिस थानों में दर्ज कराए गए लिखित आवेदनों के अनुसार, पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के आवासीय परिसर में रहने वाले उनके बेटे समर्थ सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा विवाह के बाद से ही लगातार अतिरिक्त और कीमती दहेज (Dowry Demand) की मांग को लेकर ट्विशा को प्रताड़ित किया जा रहा था।

​परिजनों ने संगीन आरोप मढ़ते हुए बताया कि बात केवल आर्थिक शोषण तक सीमित नहीं थी, बल्कि आरोपी पति द्वारा ट्विशा की सामाजिक स्वतंत्रता को ब्लॉक करने और उसके पवित्र चरित्र पर बार-बार झूठे व मनगढ़ंत लांछन (Character Assassination) लगाने की विसंगतिपूर्ण प्रविष्टियां भी अनवरत की जा रही थीं। इसी चौतरफा मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक अपमान के कारण ट्विशा गहरे अवसाद के दौर में चली गई थी, जिसका अंत इस त्रासद खुदकुशी के रूप में मुकम्मल हुआ।

घटना की रात का सीसीटीवी फुटेज आया सामने, फरार आरोपियों पर पुलिसिया दबिश

​अनुसंधान की कड़ियों को वैज्ञानिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए भोपाल पुलिस की जासूसी विंग ने घटना की रात का एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी भौतिक रूप से अपने विधिक कब्जे में लिया है। इस कैमरे के फुटेज के विन्यासों का बारीकी से तकनीकी विश्लेषण करने पर घटनाक्रम का जो सच सामने आया है, उसकी विरणी इस प्रकार है:

  • फंदा लगाने से पूर्व की स्थिति: फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है कि खुदकुशी करने से कतिपय समय पूर्व ट्विशा शर्मा अत्यंत गंभीर और उदास मुद्रा में अकेले सीढ़ियों के रास्ते होते हुए छत (टेरेस) की ओर जाती हुई दिखाई दे रही है।
  • शव को नीचे लाने का विलेख: इसके कुछ ही समय के अंतराल के उपरांत, घर के भीतर मौजूद तीन लोग ट्विशा के निष्प्राण शरीर (शव) को फंदे से नीचे उतारकर छत से वापस नीचे लाते हुए कैमरे के फ्रेम में भौतिक रूप से परिलक्षित हो रहे हैं।

​पुलिस कप्तानों के अनुसार, इस फुटेज के डंप डेटा और समय चक्र (टाइम स्टैम्प) का मिलान डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ कड़ाई से कराया जा रहा है। लामबंद पुलिस टीमों ने भोपाल, इंदौर और आस-पास के न्यायालय परिसरों में फरार वकील समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए कड़ा सर्विलांस ग्रिड स्थापित कर दिया है। पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि इनाम की घोषणा के बाद अब आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की कुर्की से जुड़े विधिक वारंट प्राप्त करने की दिशा में भी त्वरित कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

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