
पटना: बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को राजस्थान के उदयपुर स्थित महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) के फार्म मशीनरी टेस्टिंग सेंटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाओं और कृषि यंत्रों के वैज्ञानिक परीक्षण की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि बिहार में भी कृषि यंत्रीकरण को मजबूत बनाने के लिए यहां की श्रेष्ठ तकनीकों और व्यवस्थाओं को अपनाया जाएगा।
आधुनिक परीक्षण सुविधाओं का लिया जायजा
भ्रमण के दौरान कृषि मंत्री ने विशेषज्ञों से कृषि यंत्रों के प्रदर्शन, परीक्षण मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रीकरण केवल मशीनें उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों तक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और उच्च कार्यक्षमता वाले कृषि यंत्र पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है।
वैज्ञानिक परीक्षण से बढ़ेगी किसानों की सुरक्षा
विजय सिन्हा ने कहा कि केंद्र में धातु संरचना परीक्षण, इंजन परीक्षण, स्प्रे ड्रॉपलेट विश्लेषण और स्प्रेयर परीक्षण प्रयोगशाला जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनकी मदद से कृषि यंत्रों की गुणवत्ता, कार्यक्षमता और सुरक्षा का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाता है, जिससे किसानों को भरोसेमंद मशीनें उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
बिहार में मिलेगी बेहतर गुणवत्ता वाले कृषि यंत्र
कृषि मंत्री ने कहा कि राजस्थान के इस संस्थान के अनुभवों का लाभ बिहार में कृषि यंत्रीकरण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने में लिया जाएगा। इससे किसानों को टिकाऊ, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले कृषि यंत्र उपलब्ध होंगे, जिससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी।
तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण पर होगा जोर
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य केवल कृषि यंत्रों पर अनुदान देना नहीं, बल्कि किसानों को विश्वसनीय और आधुनिक तकनीक से लैस कृषि यंत्र उपलब्ध कराना है। इसके लिए देश के अग्रणी परीक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और ज्ञान के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
कृषि यंत्रीकरण को मिलेगी नई दिशा
कृषि मंत्री ने कहा कि उदयपुर स्थित फार्म मशीनरी टेस्टिंग सेंटर की आधुनिक परीक्षण प्रणाली, प्रयोगशालाओं और गुणवत्ता मूल्यांकन की प्रक्रियाओं का अध्ययन बिहार में कृषि यंत्रों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी क्षमता बढ़ाने और किसानों के हित में बेहतर व्यवस्था विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे राज्य में कृषि यंत्रीकरण को नई गति मिलेगी और किसानों को आधुनिक एवं सुरक्षित कृषि उपकरणों का लाभ मिलेगा।


