श्रावणी मेला की सुरक्षा व्यवस्था पर भागलपुर पुलिस अलर्ट, बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित, लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत

भागलपुर: श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों और जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भागलपुर में मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समीक्षा भवन में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने की। बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी), थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, अनुसंधान की गुणवत्ता, विधि-व्यवस्था, लंबित वारंटों के निष्पादन और आगामी श्रावणी मेला की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना क्षेत्रों में बीते महीने के दौरान हुई आपराधिक घटनाओं का बारीकी से आकलन किया। विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपराध की स्थिति, कार्रवाई की गति और अनुसंधान की प्रगति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई। जिन थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों ने बेहतर कार्य करते हुए अपराध नियंत्रण, मामलों के निष्पादन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं अपेक्षित स्तर का प्रदर्शन नहीं करने वाले थाना प्रभारियों से जवाब-तलब करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया।

बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि पुलिसिंग की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों से कहा गया कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें और अनुसंधान में पारदर्शिता तथा गति बनाए रखें। अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लंबित वारंटों के निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय आगामी श्रावणी मेला रहा। भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों से होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर के लिए रवाना होते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पहले से पूरी तरह सक्रिय हो गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए और सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं।

उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। इसलिए पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता है। इसके लिए भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील स्थानों की निगरानी, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में पुलिस अधिकारियों से कहा गया कि मेला क्षेत्र, प्रमुख सड़क मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित गश्ती बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने के निर्देश भी दिए गए।

यातायात व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। श्रावणी मेला के दौरान बढ़ने वाले वाहनों के दबाव को देखते हुए पुलिस को ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। प्रमुख मार्गों पर यातायात सुचारु बनाए रखने, श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देने तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता हमेशा खुला रखने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेला क्षेत्र में तैनात पुलिस बल श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाए। किसी भी शिकायत या समस्या का त्वरित समाधान किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सहज वातावरण मिल सके। पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हो।

बैठक के दौरान अपराध नियंत्रण को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों को नियमित वाहन जांच अभियान चलाने, अवैध गतिविधियों पर नजर रखने, शराब तस्करी, हथियारों की अवैध आवाजाही और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और संवेदनशील मामलों की जांच में भी तेजी लाने को कहा गया।

वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रत्येक थाना प्रभारी अपने क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखें और स्थानीय लोगों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें। सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने से अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी और किसी भी संभावित घटना की सूचना समय रहते प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जनता का सहयोग भी महत्वपूर्ण है और पुलिस को लोगों का विश्वास जीतने के लिए जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन अधिकारियों ने उत्कृष्ट कार्य किया है, उन्हें आगे भी प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि पुलिस बल में बेहतर कार्य संस्कृति विकसित हो। वहीं जिन अधिकारियों के प्रदर्शन में कमी पाई गई है, उनसे जवाब मांगा गया है और भविष्य में कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

श्रावणी मेला को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थानों की निगरानी, नियमित पेट्रोलिंग, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं ताकि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

बैठक के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और श्रावणी मेला को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी, सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने और कमजोर प्रदर्शन करने वालों से स्पष्टीकरण मांगने का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना है।

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