
गोराडीह (भागलपुर): भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में सैकड़ों लाभुकों के राशन कार्ड जुलाई माह से रद्द कर दिए गए हैं। इसके चलते गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सामने खाद्यान्न का संकट खड़ा हो गया है। राशन लेने जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों पर पहुंचे लोगों को जब कार्ड रद्द होने की जानकारी मिली तो वे हैरान रह गए। मामले को लेकर लाभुकों में नाराजगी और चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, जिन परिवारों को जून महीने तक नियमित रूप से सरकारी राशन मिल रहा था, उन्हें जुलाई में राशन लेने पहुंचने पर बताया गया कि उनका राशन कार्ड बंद कर दिया गया है। अचानक कार्ड निरस्त होने से कई परिवारों के सामने रोजमर्रा के भोजन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया है।
गरीब और अंत्योदय परिवार भी प्रभावित
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन राशन कार्डों को बंद किया गया है, उनमें बड़ी संख्या में गरीब, मजदूर और अंत्योदय श्रेणी के परिवार शामिल हैं। लाभुकों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के कार्ड रद्द कर दिए गए, जबकि वे पूरी तरह पात्र हैं। कई परिवारों ने प्रशासन से मामले की जांच कर कार्ड दोबारा चालू कराने की मांग की है।
डीलर भी नहीं बता पा रहे कारण
जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों का कहना है कि राशन कार्ड बंद होने का कारण उन्हें भी स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है। विभागीय पोर्टल पर कार्ड निरस्त दिख रहा है, लेकिन इसके पीछे किस आधार पर कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे लाभुकों के सवालों का जवाब देना भी डीलरों के लिए मुश्किल हो रहा है।
लाभुकों ने जताई चिंता
गोराडीह प्रखंड के कई लाभुकों ने बताया कि सरकारी राशन ही उनके परिवार का मुख्य सहारा है। राशन कार्ड बंद होने से अब परिवार के भरण-पोषण की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण खुले बाजार से खाद्यान्न खरीदना संभव नहीं है।
डेटा मिसमैच को बताया जा रहा कारण
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि जिन लाभुकों के राशन कार्ड बंद किए गए हैं, उनमें अधिकांश मामलों में डेटा मिसमैच की समस्या सामने आई है। ऐसे लाभुकों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ दोबारा आवेदन कर नया राशन कार्ड बनवाना होगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभुकों को फिर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकारी राशन का लाभ मिल सकेगा।
प्रशासन ने प्रभावित लोगों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय संबंधित प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में संपर्क कर अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराएं, ताकि पात्रता के अनुसार आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी की जा सके।


