
कटिहार: कटिहार व्यवहार न्यायालय में पदस्थापित अवर न्यायाधीश-प्रथम सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) मनीष कुमार का मंगलवार देर रात उनके सरकारी आवास पर निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह अचानक आवास पर गिर पड़े थे। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद न्यायिक महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जज मनीष कुमार पहले से मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित थे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह आवास पर ही गिर पड़े, जिससे सिर में भी चोट लगी। परिजनों और सहयोगियों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
मूल रूप से आरा के रहने वाले थे
मनीष कुमार मूल रूप से भोजपुर (आरा) जिले के शीशमहल चौक क्षेत्र के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। निधन की सूचना मिलते ही परिजन कटिहार के लिए रवाना हो गए।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव
अधिकारियों ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। इसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
जज मनीष कुमार के असामयिक निधन से न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों में शोक का माहौल है। उनके निधन पर न्यायिक जगत के कई लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।


