
मधुबनी/भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए भीषण शूटआउट में मारे गए कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण कुमार का शव बुधवार को मधुबनी शहर के गदियानी स्थित उनके आवास पर पहुंचा। शव के पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक के घर पर पत्नी, बच्चे, मां और भाई का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे।
नगर निगम के मेयर अरुण राय, सदर एसडीएम चंदन कुमार झा, सदर डीएसपी अमित कुमार समेत नगर थाना पुलिस के अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर परिजनों को सांत्वना दी।
क्या था पूरा मामला
गौरतलब है कि मंगलवार शाम सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में नकाबपोश हमलावरों ने सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू और ईओ कृष्ण भूषण कुमार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में कृष्ण भूषण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सभापति गंभीर रूप से घायल हो गए।
मास्टरमाइंड पुलिस मुठभेड़ में ढेर
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस हमले का मास्टरमाइंड नगर परिषद उपाध्यक्ष नीलम देवी का पति रामधनी यादव था। बुधवार सुबह पुलिस की छापेमारी के दौरान उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मार गिराया।
परिजनों ने लगाया साजिश का आरोप
मृतक कृष्ण भूषण मधुबनी के गदियानी मोहल्ला निवासी स्वर्गीय रामचंद्र साह के पुत्र थे। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक के बड़े भाई अजय कुमार ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जब सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?”


