
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस वर्ष भी राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
भागलपुर के छात्रों का शानदार प्रदर्शन
भागलपुर जिले के विद्यार्थियों ने इस बार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
- श्री संत हाई स्कूल, घोघा की छात्रा अंशु प्रिया ने 484 अंक (96.8%) हासिल कर राज्य में 7वीं रैंक प्राप्त की।
- वहीं उत्क्रमित माध्यमिक स्कूल, पंचरुखी के छात्र अंकुश कुमार ने भी समान अंक (484) और प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से 7वीं रैंक हासिल की।
दोनों विद्यार्थियों की सफलता से स्कूल और जिले में खुशी का माहौल है। शिक्षकों ने इसे मेहनत, अनुशासन और निरंतर पढ़ाई का परिणाम बताया।
वैशाली की बेटी शाबरीन परवीन बनीं बिहार टॉपर
वैशाली जिले के छोटे से गांव छौराही की रहने वाली शाबरीन परवीन ने 492 अंक हासिल कर पूरे राज्य में टॉप किया है।
सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद शाबरीन ने गांव में रहकर ही पढ़ाई की और अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
- उनके पिता मोहम्मद सज्जाद पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट में टायर का कारोबार करते हैं
- माता गृहिणी हैं
- तीन भाई-बहनों में शाबरीन सबसे बड़ी हैं
उनकी सफलता से पूरे गांव में जश्न का माहौल है और लोग मिठाई बांटकर खुशी मना रहे हैं।
गोपालगंज के कृष्णा गुप्ता ने हासिल किया 9वां स्थान
गोपालगंज जिले के विजयीपुर प्रखंड के निवासी कृष्णा गुप्ता ने 482 अंक प्राप्त कर राज्य में 9वां स्थान हासिल किया है।
- वह उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज, धर्मपरसा (मांझा) के छात्र हैं
- पिता निजी संस्थान में सुरक्षा गार्ड
- माता सरकारी स्कूल में शिक्षिका
कृष्णा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया और बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया। उनका सपना इंजीनियर बनना है।
बांका की पुष्पांजलि ने किया जिले का नाम रोशन
बांका जिले के रजौन प्रखंड की छात्रा पुष्पांजलि ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है।
- प्रारंभिक शिक्षा: भगवानपुर स्कूल, सिंहनान
- आगे की पढ़ाई: सिमुलतला आवासीय विद्यालय
- पिता: शिक्षक
- माता: गृहिणी
पुष्पांजलि भविष्य में वैज्ञानिक बनकर देश के लिए योगदान देना चाहती हैं।
ग्रामीण बेटियों ने रचा इतिहास
इस वर्ष के परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सीमित संसाधनों के बावजूद छात्रों ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर बड़ी सफलता हासिल की है।
इन विद्यार्थियों की सफलता न केवल उनके परिवार और जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणा भी है।


