भागलपुर को मिली विकास की ट्रिपल सौगात: मरीन ड्राइव, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और इनलैंड वाटर वे से बदल जाएगा शहर का भविष्य

भागलपुर जिले के लिए विकास का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। बड़े पावर प्रोजेक्ट के बाद अब लगभग 10,000 करोड़ रुपये की तीन मेगा परियोजनाएँ शहर के नक्शे को पूरी तरह बदलने वाली हैं। इनमें—

मुंगेर से भागलपुर तक मरीन ड्राइव,
सुल्तानगंज का ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट,
और हल्दिया से बनारस तक इनलैंड वाटर वे जैसी अत्यंत महत्वाकांक्षी योजनाएँ शामिल हैं।

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के अनुसार यह तीनों प्रोजेक्ट भागलपुर को पूर्वी बिहार के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट और पर्यटन हब में बदलने की क्षमता रखते हैं।


1️⃣ मुंगेर–भागलपुर मरीन ड्राइव: 8,500 करोड़ की ऐतिहासिक परियोजना

गंगा किनारे बनने वाला मरीन ड्राइव शहर की पहचान बदलने वाला है।

  • कुल लागत: ₹8,500 करोड़
  • निर्माण: दो चरणों में
  • लक्ष्य: मुंगेर से भागलपुर तक विश्वस्तरीय नदी किनारा सड़क

भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव दोनों जिलों के प्रशासन से माँगा गया है और बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इसके लिए विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है।

यह रोड एक तरफ सुरक्षित तटीय क्षेत्र बनाएगा और दूसरी तरफ पर्यटन तथा व्यापार को नई ऊँचाई देगा।


2️⃣ सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: हवाई कनेक्टिविटी का नया युग

धार्मिक नगरी अजगैबीनाथ सुल्तानगंज में बनने वाला एयरपोर्ट पूरे अंग क्षेत्र के लिए गेम चेंजर होगा।

  • एयरपोर्ट के लिए OLS (Obstruction Limitation Surface) रिपोर्ट तैयार की जा रही है
  • शुरुआती फंड: ₹432.32 करोड़ जारी
  • एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने
    • टेकऑफ–लैंडिंग बाधाएँ,
    • साइट क्लीयरेंस,
    • और हवाई संचालन की सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट माँगी है

एयरपोर्ट शुरू होने पर भागलपुर, मुंगेर, बांका, गोड्डा और झारखंड के कई जिलों को सीधी हवाई सुविधा मिल सकेगी।


3️⃣ हल्दिया–बनारस इनलैंड वाटर वे: व्यापार और परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव

IWD के रीजनल डायरेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि गंगा नदी के रास्ते माल ढुलाई शुरू होने से बिहार के व्यापार को नई गति मिलेगी।

जल परिवहन शुरू होने से—

  • सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा
  • माल ढुलाई का खर्च काफी घटेगा
  • बड़े पैमाने पर व्यापार, पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा
  • गंगा किनारे कटाव पर नियंत्रण होगा
  • गर्मियों में शहरी क्षेत्रों में जल संकट कम होगा

डीएम डॉ. चौधरी और IWD के अधिकारी इसे भागलपुर के लिए बहुत बड़ी सौगात बता रहे हैं।


भागलपुर का भविष्य: पूर्वी बिहार का सबसे बड़ा हब

इन तीनों प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद भागलपुर—

  • सड़क
  • जल
  • और वायु मार्ग

तीनों से जुड़कर पूर्वी भारत का प्रमुख लॉजिस्टिक हब बन सकता है।

परियोजनाएँ पूरी हुईं तो भागलपुर का विकास कई गुना तेज हो जाएगा और शहर निवेश, पर्यटन तथा व्यापार का केंद्र बनकर उभरेगा।


 

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