
भागलपुर, 21 मई 2026। विक्रमशिला सेतु पर परिचालन बाधित होने के कारण उत्पन्न हुए भीषण राष्ट्रीय परिवहन संकट को नियंत्रित करने और भागलपुर-नवगछिया के बीच ठप पड़े अंतर-जिला व्यावसायिक संपर्क को दोबारा लाइव करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बेहद प्रभावी वैकल्पिक जलमार्ग प्रणाली का क्रियान्वयन धरातल पर उतार दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को बाबूपुर घाट से एक बड़े मालवाहक जहाज ‘एमवी टाइडल वेव्स’ के माध्यम से कुल छह वाहनों को सुरक्षित लोड कर नवगछिया प्रक्षेप के लिए विधिक रूप से रवाना किया गया।
इस ऐतिहासिक शुरुआत से पूर्व भागलपुर सदर एसडीएम विकास कुमार ने आला प्रशासनिक अमले के साथ बाबूपुर घाट पहुंचकर नवनिर्मित घाट प्रक्षेत्र का गहन भौतिक निरीक्षण किया और वहां बने आधुनिक पहुंच पथ (एप्रोच रोड) सहित मालवाहक जहाज सेवा का विधिवत फीता काटकर उद्घाटन मुकम्मल किया। इस सेवा के लाइव होने से प्रक्षेत्र के बड़े व्यापारियों, आम मुसाफिरों और आवश्यक रसद सप्लायर्स के बीच व्याप्त अवसाद पूरी तरह से ब्लॉक हो गया है।
ट्रायल रन का सफल विन्यास: छोटी नाव से मापी गई गंगा की गहराई, दोपहर में रवाना हुआ एमवी टाइडल वेव्स
जलमार्ग से भारी व्यावसायिक वाहनों का संचरण पूरी तरह से सुरक्षित, संतुलित और जोखिम मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से बुधवार की सुबह सबसे पहले जल परिवहन विशेषज्ञों और जहाज संचालकों के एक विशेष तकनीकी दल ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए। दल के सदस्यों ने एक छोटी खोजी नाव के माध्यम से गंगा नदी के भीतर चिन्हित किए गए निर्धारित जलमार्ग (रूट) पर पानी की वास्तविक गहराई और नदी की तलहटी में जमा सिल्ट (मिट्टी) के विन्यासों की पूरी तकनीकी जांच मुकम्मल की।
जब कनिष्ठ अभियंताओं द्वारा यह प्रामाणिक रिपोर्ट सौंपी गई कि चिन्हित रूट पूरी तरह से सुरक्षित है और बड़े जहाजों के संचालन में कोई संरचनात्मक बाधा संधारित नहीं है, तब दोपहर ठीक 3:00 बजे मालवाहक जहाज ‘एमवी टाइडल वेव्स’ ने अपने पहले आधिकारिक ट्रायल रन के तहत बाबूपुर घाट के मुहाने से प्रस्थान किया। इस पहले फेरे के दौरान जहाज के मुख्य डेक पर बाकायदा सुरक्षा मानकों के अनुसार तीन पिकअप वैन, एक कृषि ट्रैक्टर और दो निजी चार चक्का वाहनों को विधिक प्रविष्टि के तहत पार्क किया गया था। इन सभी वाहनों के मालिकों द्वारा घाट के प्रशासनिक काउंटर पर निर्धारित शुल्क जमा कर बकायदा एंट्री टिकट कटाया गया था, जिसके उपरांत ही उन्हें जहाज पर सवार होने की विधिक अनुमति हस्तगत कराई गई। यह मालवाहक जहाज बिना किसी रुकावट के गंगा की लहरों को चीरते हुए नवगछिया के छोर पर पहुंचा। वहीं दूसरी ओर, नवगछिया वाले छोर से भी वापसी प्रविष्टि के तहत एक भारी वाणिज्यिक ट्रक सहित कुल चार वाहनों को इसी जल परिवहन सेवा के जरिए सुरक्षित रूप से बाबूपुर घाट लाया गया, जिससे दोनों छोरों के बीच का भौगोलिक विच्छेद समाप्त हो गया।
30 ट्रकों की विशाल क्षमता वाला ‘एमवी राबिया’ भी मुस्तैद, आज से मालवाहक बेड़े में होगा शामिल
भागलपुर और कोसी प्रक्षेत्र के बीच वाणिज्यिक ट्रकों और भारी मालवाहक वाहनों के संचयी दबाव को देखते हुए बुधवार को ही जलमार्ग परिवहन बेड़े में एक और बहुत बड़ी तकनीकी कामयाबी शामिल हुई है। लगभग 30 भारी ट्रकों को एक साथ अपने विशाल डेक पर लादकर गंगा पार कराने की अभूतपूर्व क्षमता वाला एक महाकाय मालवाहक जहाज ‘एमवी राबिया’ भी बुधवार की शाम तक बाबूपुर घाट के मुख्य बेस पर पहुंच चुका है।
अंतर्देशी जलमार्ग प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंताओं ने इस विशालकाय जहाज के भारी इंजन, संतुलन प्रणालियों और लंगर विन्यासों का भौतिक सत्यापन मुकम्मल कर लिया है। एमवी राबिया के आ जाने से विक्रमशिला सेतु पर लगे भारी ट्रकों के नो-एंट्री ब्लॉक को पूरी तरह से शिथिल करने में मदद मिलेगी। इस महाकाय जहाज का नियमित वाणिज्यिक परिचालन गुरुवार, 21 मई 2026 से पूरी कड़ाई और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू कर दिया जाएगा, जिससे भागलपुर प्रमंडल में आवश्यक सामग्रियों और निर्माण सामग्रियों की रसद आपूर्ति को एक नया और अभेद्य सुरक्षा कवच प्राप्त हो सकेगा।
सुबह 5 बजे से शुरू होंगे फेरे, सुचारू यातायात के लिए एंट्री टिकट और टाइम शेड्यूल अनिवार्य
बाबूपुर घाट पर वाहनों की अनियंत्रित भीड़ को रोकने, बिचौलियों के प्रभाव को पूरी तरह से ब्लॉक करने और सुचारू यातायात प्रबंधन संधारित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा घाट परिसर में दंडाधिकारियों की कड़क तैनाती लाइव कर दी गई है। बाबूपुर घाट पर मुस्तैद किए गए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी संजीत कुमार पाल ने गुरुवार की सुबह से प्रभावी होने वाले नए प्रशासनिक नियमों और समय सारणी (टाइम शेड्यूल) की आधिकारिक विरणी साझा की है। दंडाधिकारी संजीत कुमार पाल के अनुसार, गुरुवार की सुबह ठीक 5:00 बजे से ही दोनों मालवाहक जहाज (एमवी टाइडल वेव्स और एमवी राबिया) कुछ-कुछ समय के निश्चित अंतराल पर दोनों छोरों (भागलपुर और नवगछिया) के लिए निरंतर फेरे लगाना शुरू कर देंगे।
घाट पर अनुशासन बनाए रखने के लिए जिला परिवहन विभाग के समन्वय से कड़े नियम लागू किए गए हैं, जिसके तहत किसी भी वाहन को जहाज के लोडिंग रैंप पर तब तक प्रविष्ट होने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि वह बाबूपुर घाट के मुख्य द्वारों पर स्थापित विधिक काउंटर से अपनी श्रेणी के अनुसार आधिकारिक एंट्री टिकट नहीं कटा लेता। बिना वैध टिकट के किसी भी वाहन की प्रविष्टि को पूरी कड़ाई से ब्लॉक कर दिया जाएगा। दंडाधिकारी ने साफ किया है कि वाहनों के सुचारू संचरण, कतार प्रबंधन और कानून व्यवस्था को अभेद्य बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल के सशस्त्र जवानों को भी घाट के संवेदनशील हॉट-स्पॉट्स पर तैनात कर दिया गया है। एक विशेष समय सारणी विलेख भी तैयार किया जा रहा है, ताकि आपातकालीन चिकित्सा वाहनों (एम्बुलेंस) और फल-सब्जी जैसे खराब होने वाले उत्पादों से लदे वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर जलमार्ग पार कराया जा सके।
नवनिर्मित पहुंच पथ से भारी वाहनों की राह हुई सुगम, दोनों छोरों के बीच स्थापित हुआ नियंत्रण कक्ष
एसडीएम विकास कुमार द्वारा उद्घाटित किया गया नवनिर्मित पहुंच पथ इस संपूर्ण जल परिवहन प्रणाली का एक मुख्य तकनीकी अवयव संधारित हो रहा है। दरअसल, गंगा नदी के कछार और तटीय इलाकों में गीली मिट्टी और गाद होने के कारण भारी ट्रकों और पिकअप वाहनों के चक्के धंसने की गंभीर विसंगति उत्पन्न हो रही थी। इस विसंगति को पूरी कड़ाई से ब्लॉक करने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय अभियंताओं की टीम ने रिकॉर्ड समय के भीतर कंक्रीट, बोल्डर और ठोस मलबे का इस्तेमाल कर एक सुदृढ़ पहुंच पथ विनिर्मित किया है। इस मार्ग के लाइव होने से अब भारी से भारी वाहन भी बिना किसी शारीरिक या यांत्रिक अवसाद के सीधे मालवाहक जहाज के मुख्य रैंप तक सुगमतापूर्वक प्रविष्ट हो पा रहे हैं। उद्घाटन के समय प्रशासनिक कप्तानों ने स्पष्ट किया कि इस पहुंच पथ की मजबूती का भौतिक सत्यापन भी कड़े लोड टेस्टिंग विन्यासों के तहत मुकम्मल कर लिया गया है।
इसके समानांतर, भागलपुर और नवगछिया दोनों प्रक्षेपों के जिला परिवहन कप्तानों के बीच एक अभेद्य सांगठनिक समन्वय स्थापित किया गया है। चूंकि विक्रमशिला सेतु पर परिचालन बाधित होने से दोनों ओर व्यावसायिक ट्रकों की कतारें संधारित थीं, इसलिए राजमार्गों पर ट्रैफिक जाम को ब्लॉक करने के लिए वाहनों को टोकन प्रणाली के तहत ही बाबूपुर घाट की ओर डाइवर्ट किया जा रहा है। नवगछिया छोर पर भी इसी प्रकार के प्रशासनिक विन्यासों के तहत मजिस्ट्रेटों और पुलिस बलों की मुस्तैदी लाइव कर दी गई है। दोनों छोरों के नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) आपस में डिजिटल रूप से एकीकृत संधारित हैं, जो जहाजों के प्रस्थान और आगमन के समय-स्टैम्प डेटा को अनवरत साझा कर रहे हैं। गुरुवार से एमवी राबिया के परिचालन ग्रिड में जुड़ जाने के बाद, बड़े ट्रकों के संचरण की सांख्यिकी में भारी उछाल दर्ज होने की उम्मीद है।


