बेतिया | बिहार में शराबबंदी के बीच वर्दी की साख पर सवाल खड़ा कर देने वाला वीडियो सामने आया है। नरकटियागंज में जब्त की गई 503 पेटी (कार्टन) विदेशी शराब को छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की सौदेबाजी करते एक पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में ट्रक के भीतर बैठा व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताता है, अपना नाम राजेश कुमार कहता है और शराब व वाहन छोड़ने के बदले 10 लाख मांगता दिख रहा है। दावा है कि डील के दौरान कुछ रुपये भी लिए गए और ट्रक चालक को छोड़ दिया गया, हालांकि बाद में उसी ट्रक से शराब और वाहन तो जब्त कर लिए गए—लेकिन चालक कथित तौर पर पैसे लेकर छूट गया।
एसपी ने लिया तत्काल संज्ञान, आरोपी जवान गिरफ्तार
वीडियो सामने आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने फौरन संज्ञान लिया। जांच के बाद आरोपी पुलिस चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस महकमे में इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
- नरकटियागंज में बड़ी खेप—503 पेटी विदेशी शराब—बरामद की गई थी।
- उसी बरामदगी के बाद का बताया जा रहा वीडियो अब वायरल है, जिसमें सौदेबाजी दिखाई देती है।
- आरोप है कि डील के तहत कुछ नकद भी लिया गया और चालक को छोड़ा गया।
- बाद में शराब और ट्रक तो जब्त हुए, पर चालक पर कार्रवाई नहीं हुई—यही बिंदु सवालों के घेरे में है।
तस्कर पर केस, पुलिस की भूमिका पर सवाल
इस प्रकरण में नरकटियागंज के चर्चित शराब तस्कर नीरज कुमार पर केस दर्ज किया गया है। लेकिन चर्चा यह भी है कि इसी नीरज ने पुलिस को सूचना देकर खेप पकड़वाने में मदद की थी।
अब सवाल उठ रहा है—अगर वही मुखबिर था, तो उसी को शराब का मालिक बताकर आरोपी क्यों बनाया गया? यह विरोधाभास पूरे केस को और संदिग्ध बनाता है।
जांच जारी, पर साख दांव पर
फिलहाल गिरफ्तार जवान से पूछताछ हो रही है। यह मामला सिर्फ एक रिश्वत की डील नहीं, बल्कि शराबबंदी के प्रवर्तन और पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
अब देखना होगा कि जांच की आंच कहां तक पहुंचती है—और क्या इस नेटवर्क की पूरी परतें खुलती हैं।


